हरिद्वार स्थित गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में चार दिवसीय वसंतोत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। वसंतोत्सव के प्रथम दिन हुई अंतर्महाविद्यालयीन निबंध प्रतियोगिता में देसंविवि की निवेदिता श्रीवास्तव की रचना को लोगों ने काफी सराहते हुए सर्वोत्तम माना तथा राजेन्द्र राय को दूसरा तथा गायत्री साहू को तीसरा स्थान मिला। भाषण प्रतियोगिता में देसंविवि की पल्लवी भारद्वाज ने प्रथम व एसएसडीपीसी पीजी कॉलेज रुड़की की अनिका उपाध्याय ने द्वितीय तथा देसंविवि के रजनीकांत शुक्ला ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में कलाकारों ने स्फूर्ति एवं वासंती उल्लास पैदा करते हुए मोक्षदायिनी मां गंगे को निर्मल बनाने की अभिव्यक्ति दी। 

गायत्री परिवार के जनक युगऋषि पं० श्रीराम शर्मा आचार्य जी के आध्यात्मिक जन्मदिन वसंत पर्व व विद्या की देवी मां सरस्वती के अवतरण पर्व को गायत्री परिवार बड़े उत्साह एवं उद्देश्यपूर्ण ढंग से मनाता है। चार दिवसीय इस वासंतोत्सव के आरंभ में ध्यान, साधना, हवन हुआ। तत्पश्चात् व्यक्तित्व निर्माण में साहित्य की भूमिका विषय पर अंतर्महाविद्यालयीन भाषण प्रतियोगिता में युवाओं ने साहित्य की महत्ता व भूमिका पर अपने- अपने विचार प्रकट किये। इस प्रतियोगिता में देवसंस्कृति विश्वविद्यालय, एसएसडीपीसी पीजी कॉलेज रुड़की आदि महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने भागीदारी की। इन विजेताओंं को शांतिकुंज  की ओर प्रशस्ति पत्र, मेडल व सद्साहित्य भेंटकर सम्मानित किया गया। देसंविवि के शिक्षा विभाग के निदेशक डॉ. आर. पी. कर्मयोगी के साथ डॉ. पी.डी. गुप्ता व डॉ. अभय सक्सेना निर्णायक थे। 

शांतिकुंज सांस्कृतिक प्रकोष्ठ  की प्रस्तुति में मोक्षदायिनी मां गंगे में मिल रहे गंदे नाले व सीवर लाइन से लोगों को हो रही परेशानियों का मार्मिक प्रस्तुति ने जनमानस को झकझोर दिया। स्वामी विवेकांनद पर आधारित लघुनाटिका के माध्यम से जीवन में साहित्य का असर का प्रेरणाप्रद चित्रण किया गया।


Write Your Comments Here:


img

गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में तीन दिवसीय युवा सम्मेलन का आज समापन

क्षमता का विकास करने का सर्वोत्तम समय युवावस्था - डॉ पण्ड्याराष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के युवाओं को तीन दिवसीय सम्मेलन का समापनहरिद्वार 17 अगस्त।गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में तीन दिवसीय युवा सम्मेलन का आज समापन हो गया। इस सम्मेलन में राष्ट्रीय राजधानी.....

img

दे.स.वि.वि. के ज्ञानदीक्षा समारोह में भारत के 22 राज्य एवं चीन सहित 6 देशों के 523 नवप्रवेशी विद्यार्थी हुए दीक्षित

जीवन खुशी देने के लिए होना चाहिए ः डॉ. निशंकचेतनापरक विद्या की सदैव उपासना करनी चाहिए ः डॉ पण्ड्याहरिद्वार 21 जुलाई।जीवन विद्या के आलोक केन्द्र देवसंस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज के 35वें ज्ञानदीक्षा समारोह में नवप्रवेशार्थी समाज और राष्ट्र सेवा की ओर.....

img

देसंविवि की नियंता एनईटी (योग) में 100 परसेंटाइल के साथ देश भर में आयी अव्वल

देसंविवि का एक और कीर्तिमानहरिद्वार 19 जुलाईदेव संस्कृति विश्वविद्यालय ने एनईटी (नेशनल एलीजीबिलिटी टेस्ट -योग) के क्षेत्र में एक और कीर्तिमान स्थापित किया है। देसंविवि के योग विज्ञान की छात्रा नियंता जोशी ने एनईटी (योग)- 2019 की परीक्षा में 100.....