रिमझिम वारिश के बीच  शांतिकुंज व देवसंस्कृति विश्वविद्यालय में वैदिक मंत्रों के बीच तिरंगा का पूजन किया गया, पश्चात राष्ट्र की शान ध्वज का आरोहण गायत्री परिवार प्रमुख डॉ प्रणव पण्ड्या ने किया। गायत्री विद्यापीठ परिसर में व्यवस्थापक श्री गौरीशंकर शर्मा ने राष्ट्रीय झंडा फहराया।

६६वाँ गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत गायत्री विद्यापीठ की आहुति पण्ड्या की टीम ने ‘आपस में प्रेम करो देशवासियों’ समूहगान से मिल-जुलकर राष्ट्र के विकास में सहयोग की मार्मिक प्रस्तुती दी, तो वहीं देश के कोने-कोने से आये एकमासीय शिविर के भाई-बहिनों ने भारतवर्ष के चहुंमुखी विकास का दृश्य उकेरा। देसंविवि के छात्र-छात्राओं ने ‘वंदे मातरम्’ लघु नाटिका के माध्यम से राष्ट्र के प्रति प्रेम भावना जगाने की प्रेरणा दी।

इस अवसर पर बहिनों के बैण्ड पर थिरकते थाप ने सभी को नारी शक्ति के जागने का आभास करा दिया। गौरतलब है कि शांतिकुंज बहिनों की संगीत टीम प्रायः छोटे-बड़े कार्यक्रमों में संगीत की जिम्मेदारी संभालती है।

वहीं देवसंस्कृति विवि के मृत्युजंय सभागार में कुलाधिपति डॉ प्रणव पण्ड्या ने सरहद पर सुरक्षा में जुटे सैनिकों के प्रति अपना सम्मान प्रकट करते हुए उनकी देश के प्रति प्रेम भावना को नमन किया। उन्होंने राष्ट्र के विकास के लिए युवाओं को आगे बढ़कर कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर पूर्व न्यायाधीश श्री सत्यनारायण पण्ड्या, व्यवस्थापक श्री गौरीशंकर शर्मा, देसंविवि व शांतिकुंज परिवार सहित देश-विदेश के कोने-कोने से आये हजारों लोग उपस्थित थे।




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