img

योग और संस्कृति भारतीय जीवन शैली के अभिन्न अंग हैं। इसी से विश्वभर में भारत की छबि अलग दिखाई देती है। देवसंस्कृति विश्वविद्यालय में निर्धारित पाठ्यक्रमों के साथ-साथ विद्यार्थियों में योग और संस्कृति के प्रति रुचि पैदा करने व उनमें राष्ट्रीयता की भावना विकसित करने का कार्य निरन्तर किया जा रहा है। क्योंकि विद्यार्थी राष्ट्र के भावी कर्णधार हैं और वे संस्कृतिनिष्ठ व जागरूक होंगे तभी राष्ट्र का नवनिर्माण सम्भव है। 

यह बात यूनेस्को की ओर से योग और संस्कृति पर डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाने देवसंस्कृति विश्वविद्यालय आये ग्रुप को विवि के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने भेंटवार्ता में कही। ज्ञातव्य है कि इस ग्रुप का नेतृत्व करने वाले श्री निर्मल चक्रधर फिल्म मेकिंग में नेशनल अवार्ड जीत चुके हैं। वे यूनेस्को, दिल्ली की ओर से योग और संस्कृति पर डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाने ग्रुप के साथ देसंविवि में आए और यहाँ चल रही योगा और विभिन्न कल्चरल एक्टिविटिज की शूटिंग की। फिल्म डायरेक्टर चक्रधर ने पहले पूरे विश्वविद्यालय का भ्रमण कर यहाँ की गतिविधियों को जाना। फिर टीम के साथ शूटिंग कार्य शुरू किया जिसमें विश्वविद्यालय के सौम्य, प्राकृतिक व अध्यात्मिक वातावरण, विश्वविद्यालय द्वारा चलायी जा रही वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति में पंचकर्म, प्राणिक हिलिंग, एक्यूप्रेशर आदि तथा योग विभाग द्वारा छात्र-छात्राओं को सिखाये जा रहे योगा प्रेक्टिकल की पूरी शूटिंग की। शूटिंग टीम ने एक्यूप्रेशर पार्क, श्रीराम स्मृति उपवन एवं पर्ण कुटीर में विद्यार्थियों द्वारा किये जा रहे विशेष योगाभ्यासों की भी फिल्में उतारीं।

शूटिंग डायरेक्टर निर्मल चक्रधर ने कहा कि देव संस्कृति विश्वविद्यालय में योग एवं संस्कृति का अद्भुत समन्वय है, इसीलिए हमने शूटिंग हेतु उचित लोकेशन के रूप में इसी को चुना। चक्रधर की टीम ने प्रतिकुलपति डॉ चिन्मय पण्ड्या से योग-संस्कृति विषयक कई जिज्ञासाओं के समाधान भी पाए। निर्मल जी ने डॉक्यूमेंट्री फिल्म के पूरे हो जाने पर इसे विश्वविद्यालय परिवार को भेंट करने की बात कही। फिल्म शूटिंग के दौरान योग विभाग के डॉ सुरेश वर्णवाल, प्रशिक्षण एवं सेवायोजन विभाग के डॉ सौरभ मिश्रा, अंकुर मेहता व गोपाल शर्मा आदि ने पूर्ण सहयोग किया।


Write Your Comments Here:


img

प्राणियों, वनस्पतियों व पारिस्थितिक तंत्र के अधिकारों की रक्षा हेतु गायत्री परिवार से विनम्र आव्हान/अनुरोध

हम विश्वास दिलाते हैं की जीव, जगत, वनस्पति व पारिस्थितिकी तंत्र के व्यापक हित में उसके अधिकार को वापस दिलवाना ही हमारा एकमात्र उद्देश्य और मिशन है| जलवायु संकट की वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए तथा जीव-जगत को.....

img

गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में तीन दिवसीय युवा सम्मेलन का आज समापन

क्षमता का विकास करने का सर्वोत्तम समय युवावस्था - डॉ पण्ड्याराष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के युवाओं को तीन दिवसीय सम्मेलन का समापनहरिद्वार 17 अगस्त।गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में तीन दिवसीय युवा सम्मेलन का आज समापन हो गया। इस सम्मेलन में राष्ट्रीय राजधानी.....

img

देसंविवि के नये शैक्षिक सत्र का शुभारंभ करते हुए डॉ. पण्ड्या ने कहा - कर्मों के प्रति समर्पण श्रेष्ठतम साधना

हरिद्वार 26 जुलाई।देसंविवि के कुलाधिपति श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या ने विश्वविद्यालय के नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं के नये शैक्षिक सत्र का शुभारंभ के अवसर पर गीता का मर्म सिखाया। इसके साथ ही विद्यार्थियों के विधिवत् पाठ्यक्रम का पठन-पाठन का क्रम की शुरुआत.....