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कृषि कुंभ नाम से विख्यात अखिल भारतीय पन्तनगर किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का ९७वां आयोजन पन्तनगर में हुआ। इस कुंभ मेला में देवसंस्कृति विवि द्वारा लगाई प्रदर्शनी को सर्वोत्कृष्ट मानते हुए कृषि विवि के पूर्व कुलपति डॉ विष्ट ने विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया। देसंविवि की इस उपलब्धि पर संस्था प्रमुख श्रद्धेया शैल दीदी, देवसंस्कृति विवि के कुलाधिपति डॉ प्रणव पण्ड्या, व्यवस्थापक श्री गौरीशंकर शर्मा सहित सभी ने प्रसन्नता व्यक्त की। 

कुलाधिपति डॉ पण्ड्या ने कहा कि देसंविवि आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ कृषि के वैज्ञानिक तकनीकों पर भी शोध कार्य कर रहा है। गांव के विकास एवं विभिन्न स्वरोजगार की दिशा में सार्थक कार्य कर रहा है। यह निश्चित रूप से देश के युवाओं एवं किसान के लिए एक सुनहरा मौका है।

३५ सदस्यीय देसंविवि की इस टीम के सफल नेतृत्व कर लौटे दलनायक रामप्रताप यादव ने बताया कि कृषि कुंभ में देश भर के अनेक कृषि संस्थान एवं विवि की टीम पहुँची थी। सभी ने अपने-अपने संस्थान में हो रहे कृषि आधारित नये शोधों से जनसाधारण को अवगत कराया। हमारी टीम ने फल-सब्जी संरक्षण, गौ उत्पाद, समग्र स्वास्थ्य प्रबंधन के क्षेत्र में देसंविवि में हुए नये शोधों को बताया, जिसे लोगों ने खूब सराहा। फलों व सब्जी के प्राचीनतम से लेकर आधुनिकतम तकनीक से उपजाई जाने वाली विधा की भी रोचक जानकारी दी। कम पैसों में खेती करने के उपायों एवं कुटीर उद्योगों के बारे में देसंविवि की टीम ने विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि इस कृषि कुंभ में लोगों की भीड़ देसंविवि-शांतिकुंज के स्टाल की तरफ खींचे चले आ रहे थे। वहीं कृषि विकास पर आधारित युगऋषि पं० श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा रचित साहित्य की खूब मांग रही। उन्होंने बताया कि टीम द्वारा ‘कृषि के हितों में खेती’ एवं ‘किसान भाई’ नामक लघुनाटिका के माध्यम से मार्मिक प्रस्तुती दी गयी। टीम ने किसानों के लिए योग एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये। टीम के कार्यक्रम से प्रभावित हो राज्य कृषि प्रबंधन के डायरेक्टर डॉ वाईपीएस डबास सहित प्रबंधन तंत्र ने आगामी वर्ष में होने वाली मेला के लिए देसंविवि की टीम को पुनः आमंत्रित किया।


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