Published on 2015-04-29



     ऑर्थोडॉण्टिक स्टडी ग्रुप उत्तराञ्चल के तत्वावधान में एक दिवसीय दन्त चिकित्सा शिविर का आयोजन गायत्री विद्यापीठ में संपन्न हुआ। इस दन्त चिकित्सा शिविर का मूल उद्देश्य बच्चों में दाँतों की सुरक्षा के प्रति जागरूकता लाने का है। दन्त चिकित्सा शिविर का शुभारम्भ डॉ. मृदुल खण्डूरी तथा गायत्री विद्यापीठ के प्राचार्य प्रोफेसर मिश्रा ने दीप प्रज्वलन कर किया। दीप प्रज्वलन के साथ दाँतों की सुरक्षा और उसके प्रति जागरूकता के उद्देश्य से भारत भर में घूम रही स्माइल टॉर्च भी विद्यार्थियों के समक्ष प्रस्तुत की गयी। कोलकाता से प्रारम्भ हुई स्माइल टॉर्च यात्रा आज हरिद्वार के गायत्री विद्यापीठ पहुँची। इससे पूर्व यह टॉर्च बंगाल, महाराष्ट्र, राजस्थान आदि राज्यों में होते हुए अब उत्तराखण्ड की यात्रा पर है। यहाँ से यह टॉर्च पंजाब के अमृतसर के लिए रवाना होगी। 

    सीमा डेंटल कॉलेज एवं उत्तरांचल डेंटल कॉलेज की ओर से स्टडी सेंटर के समन्वयक डॉ. पी नारायण प्रसाद के मार्गदर्शन में चिकित्सकों के एक समूह ने विद्यापीठ के समस्त बच्चों का दन्त परीक्षण किया। चिकित्सा समूह प्रभारी डॉ. मृदुल खण्डुरी ने मनुष्य जीवन में दाँतों का महत्त्व, उसकी सुरक्षा और उपयोगिता के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि शरीर में फैलने वाले अधिकतर रोग दाँतों की सुरक्षा न करने के कारण फैलते हैं। सामान्यतः छोटे बच्चों को इसकी जानकारी न होने के कारण वे लापरवाही करते हैं जिसका परिणाम बाद में उन्हें भुगतना पड़ता है। इस चिकित्सा शिविर में विद्यापीठ के ६०० विद्यार्थियों के दन्त की जाँच की गयी तथा उपयोगी जानकारियाँ उन्हें दी गयीं। डॉ. पी नारायण प्रसाद, डॉ. तरुण शर्मा आदि वरिष्ठ चिकित्सकों के मार्गदर्शन में स्टडी सेंटर से जुड़े चिकित्सकीय दल में डॉ. धनंजय राठौर, डॉ. रोहित, डॉ. उजमान जी, डॉ. ईश कुमार, डॉ. सोनिया आदि थे। वहीं गायत्री विद्यापीठ की ओर से प्रोफेसर मिश्रा, भास्कर सिन्हा, विनय शर्मा आदि उपस्थित थे। 


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