Published on 2015-04-29
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      प्रकृति के प्रकोपों से पूरा उत्तर भारत इन दिनों हिला हुआ है। कहीं जान माल की हानि हो रही है तो कहीं हजारों परिवार बेघर होकर रास्ते पर आ गए हैं। ऐसे में एक और दुर्घटना हरिद्वार में घटी। शहर के बीएचइएल सेक्टर ३ के पास बनी मजदूर बस्ती में आग लगने से १३ झोंपड़ियाँ जलकर राख हो गईं। ऐसे में विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक संस्था शांतिकुंज अपने सामाजिक दायित्वों को निभाते हुए इन मजदूर असहाय लोगों के त्वरित सहायता हेतु तुरन्त आगे बढ़ी। जिले के मुख्य अधिकारी श्री हरीश चन्द्र सेमवाल जी की सूचना पर शांतिकुंज की अधिष्ठात्री शैलबाला पण्ड्या जी ने त्वरित कार्यवाही करते हुए अपनी आपदा प्रबन्धन वाहिनी को इस क्षेत्र में सहायता हेतु राहत सामग्री सहित रवाना किया। दल का नेतृृत्व करते हुए शांतिकुंज के श्री विष्णु मित्तल जी ने इन १३ पीड़ित परिवारों को तुरन्त सहायता के लिए पका भोजन, तिरपाल, राशन, बरतन सेट, पूरे परिवार के लिए वस्त्र व अन्य दैनन्दिन सामग्रियों सहित प्रत्येक परिवार को कम्बलों का वितरण कराया। उल्लेखनीय है कि शांतिकुंज की आपदा वाहिनी किसी भी प्राकृतिक आपदा अथवा दुर्घटनाओं के समय तुरन्त सक्रियता से पहुँचकर अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करती है। इनका कार्यक्षेत्र हरिद्वार या उत्तराखण्ड ही नहीं वरन सम्पूर्ण भारत वर्ष है। संस्था द्वारा ३१ सदस्यीय दल भूकम्प प्रभावित क्षेत्र में भेजा गया है। यह दल नेपाल तथा उत्तर भारतीय क्षेत्र में सतत कार्य करता रहेगा। 


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