Published on 2015-04-30
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नेपाल में आयी प्राकृतिक त्रासदी से समग्र विश्व में आहत का माहौल है। ऐसे में पीड़ा निवारण के इस महायज्ञ मे हर कोई जुड़ना चाहता है। अमरीका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया जैसे अनेक देशों में रह रहे प्रवासी भारतीयों ने गायत्री परिवार की सेवा को देखकर अपनी सेवा देने का संकल्प व आश्वासन गायत्री परिवार प्रमुख डॉ प्रणव पण्ड्याजी को दिया है। न्यूजर्सी के पार्थ देसाई ने अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि हम अपना समय तो नहीं दे सकते, किन्तु गायत्री परिवार द्वारा चलाई जा रही आपदा प्रबंधन के कार्य में भोजन, मेडिकल व अस्थाई आवास की व्यवस्था हेतु शांतिकुंज आपदा राहत कोष में योगदान देकर मानवता की सेवा कर रहे हैं। साथ ही गायत्री तीर्थ शांतिकुंज के साथ अस्सी देशों में फैले गायत्री परिवार के परिजनों ने भूकंप में हताहत हुए आत्माओं की शांति सद्गति हेतु विशेष प्रार्थना सभाएँ आयोजित कीं। शांतिकुंज में भी श्राद्ध तर्पण एवं मृतात्माओं की शांति के लिए विशेष यज्ञाहुतियाँ दी जा रही हैं। संस्था प्रमुख ने पीड़ितों को हर संभव सहयोग करने के लिए उनके साथ खड़े रहने का अपना संकल्प दोहराया।

साथ ही गायत्री परिवार के मुख्यालय शांतिकुंज से आपदा प्रबंधन दल रवाना हुआ। इसके तहत दल ने अपने साथ राशन किट, कंबल, तिरपाल, साड़ियाँ एवं बच्चों के कपड़ों सहित जीवन रक्षक औषधियाँ लेकर रवाना हुआ। इस अवसर पर संस्था की अधिष्ठात्री शैलदीदी ने कहा कि भूकंप पीड़ितों को हरसंभव सहायता दी जायेगी। 


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