प्रथम चरण में करीब दस लाख रुपये की पीडि़तों बाँटी राहत सामग्री
हरिद्वार, ११ अगस्त।
         उत्तरकाशी में बादल फटने एवं बाढ़ से पीडित लोगों में राहत सामग्री बाँटकर शांतिकुंज का  आपदा प्रबंधन दल आज वापस लौट आया। दल के १२ सदस्य वहाँ राहत सामग्री बाँटने में अभी भी जुटे हुए हैं। इस दल ने उत्तरकाशी में विष्णु मित्तल, कामता प्रसाद साहू एवं राकेश जायसवाल के संयुक्त नेतृत्व में कार्य किया।
          शांतिकुंज प्रमुख शैल दीदी व डॉ. प्रणव पण्ड्या ने दल की सक्रियता की जानाकारी लेने के बाद उत्तरकाशी के पीडि़तों के लिए संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पीडि़तों व असहाय लोगों की सेवा-सुश्रुषा कर उन्हें पुन: खड़ा करना समाज का ही दायित्व है। गायत्री परिवार के लाखों कार्यकत्र्ता इस दिशा में उत्सुकतापूर्वक तन, मन धन से जुटे हुए हैं। व्यवस्थापक श्री गौरीशंकर शर्मा ने दल के लौटने के बाद आज बताया कि शांतिकुंज के आपदा प्रबंधन दल ने उत्तरकाशी पहुँचकर राहत कार्य द्रुत गति से प्रारंभ कर दिये थे। वहाँ पहले से स्थानीय गायत्री परिवार के जयस्वरूप बहुगुणा, अजय बडोला, यशपाल के नेतृत्व में दल राहत व बचाव कार्य में जुटा हुआ http://news.awgp.org/var/news/18/IMG_0167N.jpg" height="134" width="178">था।
    शांतिकुंज के आपदा प्रबंधन दल ने गजोली, अगोड़ा, नवगाँव, उतारों, सीवा, गंगोरी, हर्षिल, संगमचट्टïी, धरासू आदि गाँवों के पीडि़तों तक आटा, चावल, चीनी आदि खाद्य सामग्री एवं तिरपाल, कम्बल, कपड़ा, मोमबत्ती, माचिस आदि के तैयार किट प्रशासन के हेलीकाप्टर की मदद से प्रदान किये। उन्होंने बताया कि शांतिकुंज ने प्रथम चरण करीब दस लाख रुपये की राहत सामग्री पीडि़तों में वितरित की। डॉ. पी प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में चिकित्सकीय टीम ने कैलाश आश्रम, उत्तरकाशी में बेस कैम्प बनाया था, जहाँ सैकड़ों मरीजों का चिकित्सकीय परीक्षण कर उन्हें तीन से सात दिन तक के लिए नि:शुल्क दवाइयाँ दीं।
    व्यवस्थापक श्री शर्मा ने बताया शांतिकुंज आपदा प्रबंधन दल की १२ सदस्यीय टीम अभी भी उत्तराकाशी में राहत कार्य में सक्रिय है। उन्होंने बताया कि शांतिकुंज की केन्द्रीय टीम स्थिति एवं आवश्यकतानुसार शीघ्र ही एक दल राहत सामग्री लेकर पुन: भेजेगा। उल्लेखनीय है कि शांतिकुंज आपदा प्रबंधन दल देश के विभिन्न क्षेत्रों में आये विनाशकारी प्राकृतिक आपदाओं में नि:स्वार्थ भाव से राहत कार्य सम्पन्न कराता रहा है। इस कार्य के लिए व्यवस्थापक श्री गौरीशंकर शर्मा के नेतृत्व में विशेषज्ञों का एक दल गठित किया गया है, जो आपदा राहत कार्यों में त्वरित कार्यवाही के लिए तत्पर रहता है। दल को समय-समय पर प्रशिक्षण भी दिया जाता है।


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