Published on 2015-06-14
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योग से ही व्यक्ति का व्यक्तित्व निखरता है -डॉ. प्रणव पण्ड्याजी 

विश्वयोग दिवस निकट आ रहा है। योग को लेकर विश्वभर में माहौल गरमाया हुआ है। धार्मिक, सामाजिक, सरकारी, गैर- सरकारी संस्थानों तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों- से लेकर जन सामान्य तक के सभी वर्ग के लोगों में योग दिवस की जोश है। ऐसे में भारत की ६० प्रतिशत आबादी इससे कैसे अछूती रह जाएगी? भारत विश्व का सबसे बड़ा युवा देश है। यहाँ की ६० प्रतिशत आबादी युवा हैं। इन युवाओं में अधिकतर युवा विद्यार्थी जीवन व्यतीत कर रहे हैं। सरकारी आदेश पर भारत के तमाम स्कूल कॉलेज के विद्यार्थी आगामी २१ जून को योग दिवस मनायेंगे ही। किन्तु गायत्रीतीर्थ शांतिकुंज द्वारा वर्ष १९९४ से चलायी जा रही भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा से जुड़े करोड़ों विद्यार्थी एवं शिक्षक विश्वयोग दिवस के कार्यक्रम में एक साथ सहभागिता करेंगे। भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा से जुड़े श्री एच. पी. सिंह ने कहा कि प्रत्येक वर्ष भारत में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में 48 लाख विद्यार्थी भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा देते हैं। अब तक भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा दे चुके विद्यार्थियों की संख्या करोड़ों की है। इन सभी विद्यार्थियों को आने वाले विश्वयोग दिवस पर जुड़ने का आह्वान गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्याजी  ने किया है। डॉ. पण्ड्याजी  ने  कहा कि योग संस्कृति का अभिन्न अंग है। योग के बिना संस्कृति अधूरी है। योग से ही व्यक्ति का व्यक्तित्व निखरता है। विद्यार्थी जीवन के लिए एकाग्रता और निरोगी काया नितान्त जरूरी है जो योग से प्राप्त होता है। जीवन में योग का समावेश हो तो विद्यार्थी संस्कृति के संवाहक और संस्कृृति रक्षक बन सकते हैं, चाहे वे किसी भी धर्म संप्रदाय के क्यों न हों। 
  
डॉ. पण्ड्याजी ने कहा कि भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के विद्यार्थियों को संस्कृति संरक्षण का ज्ञान दिया जाता है। योग संस्कृति का अभिन्न अंग है। इसीलिए भारत सरकार द्वारा निर्धारित योग आयोजन में हिस्सा लेने हेतु इन विद्यार्थियों को डॉ. पण्ड्याजी ने आह्वान किया है। साथ ही देवसंस्कृति विवि के अब तक के पासआउट छात्र- छात्राएँ तथा दिया आन्दोलन से जुड़े युवा अपने नजदीकी योग आयोजन में पहुँचेंगे। यह विद्यार्थी बड़ी संख्या में जन जागरण रैली तथा पर्यावरण संरक्षण के कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे। प्रातः ६.४५ से लेकर ९.३० तक भारत के प्रत्येक जिलों में यह कार्यक्रम संपन्न होंगे।


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