Published on 2015-07-29

अखिल विश्व गायत्री परिवार व देवसंस्कृति विश्वविद्यालय ने भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को अपनी भावांजलि अर्पित की। डॉ. कलाम के निधन के समाचार से देशभर के साथ पूरा गायत्री परिवार एवं देसंविवि परिवार स्तब्ध है। डॉ. कलाम ने देसंविवि के द्वितीय दीक्षांत समारोह और दीया की स्थापना के अवसर पर अपने बहुमूल्य समय व सुझाव दिया था और गायत्री परिवार के साथ उनका एक महत्वपूर्ण जुड़ाव हो गया था। 

उनकी आत्मा की शांति, सद्गति के शांतिकुंज में विशेष प्रार्थना की, तो वहीं देसंविवि में विद्यार्थियों ने मौन रखा। गायत्री विद्यापीठ के नन्हे-मुन्नों ने उनको याद करते श्रद्धांजलि अर्पित की। वर्ष 2006 में देसंविवि आगमन के अवसर पर मिले प्यार को बच्चों ने याद किया।

देसंविवि के कुलाधिपति डॉ. प्रणव पण्ड्याजी ने कहा, "डॉ. कलाम जी का हमारे बीच से जाना एक अपूरणीय क्षति है। हमारे युवा संगठन दिया (डिवाइन इंडिया यूथ एसोसिएशन), की संस्थापना के साथ ही मेरा जो उनसे जुड़ाव हुआ, वह सघन होता गया। देश के राष्ट्रपति के रूप में सन् 2006 में देवसंस्कृति विवि के द्वितीय दीक्षांत समारोह में उन्होंने हरिद्वार आकर हमारे युवा क्रांति को गति दी।" 

उन्होंने कहा, "21वीं सदी के भारत का जो सपना दिवगंत अब्दुल कलाम ने देखा था, उसे एक नए युग के सूत्रपात के रूप में आध्यात्मिक दृष्टि से विकसित करने का कार्य हम अपने मिशन के युवाओं द्वारा करना चाहते हैं।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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