Published on 2015-09-06
img

शांतिकुंज में चल रहा पांच दिवसीय जीवन प्रबंधन शिविर का शुक्रवार को समापन हो गया। शिविर में छत्तीसगढ़ के 26 जिलों के 400 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्याजी ने शिविर के अंतिम दिन जीवन को व्यवस्थित रखने के विविध सूत्रों की विस्तार से जानकारी प्रतिभागियों को दी। 

उन्होंने कहा कि अवसाद मनुष्य की सबसे बड़ी कमी है, इसे कभी भी अपने पास नहीं आने देना चाहिए। उन्होंने इससे छुटकारे का उपाय बताया और कहा, "अवसाद से बचे रहने के लिए सद्साहित्य का सदैव अध्ययन, चिंतन करते रहना चाहिए। साथ ही रचनात्मक कार्यों को गति देने में ज्यादा से ज्यादा योगदान करना चाहिए।"

शिविर संयोजक डॉ सुलोचना शर्मा के अनुसार पांच दिवसीय इस शिविर में छत्तीसगढ़ के 26 जिलों से आए 400 से अधिक भाई-बहनों ने हिस्सा लिया।


Write Your Comments Here:


img

अर्जित ज्ञान का सदुपयोग मानवता की भलाई के लिए होना चाहिए

पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त कर रहे स्नातकों को देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति जी का संदेशवर्धा। महाराष्ट्र : देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय पण्ड्या जी 14 जनवरी 2023 को वर्धा में जय महाकाली शिक्षण संस्था, अग्निहोत्री ग्रुप अॉफ इंस्टीट्यूशंस द्वारा आयोजित.....

img

दिल्ली में मंत्री, सांसद एवं गणमान्यों से भेंट

देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय जी दिनांक 5 जनवरी 2023 को दिल्ली पहुँचे। वहाँ उन्होंने भारत सरकार के अनेक मंत्री एवं सांसदों से भेंट की। उनके साथ वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों के संदर्भ में चर्चा हुई, उन्हें परम पूज्य गुरूदेव के संकल्प,.....

img

गुजरात के राज्यपाल से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई

13 जनवरी 2023 को अपने गुजरात प्रवास में आदरणीय डॉ. चिन्मय पण्ड्या जी गाँधीनगर स्थित राजभवन में राज्यपाल माननीय आचार्य देवव्रत जी से भेंट करने पहुँचे। शान्तिकुञ्ज की ओर से उन्हें पूज्य गुरूदेव का साहित्य भेंट किया। इस अवसर पर माननीय राज्यपाल जी से प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा.....