Published on 2015-09-06
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शांतिकुंज में चल रहा पांच दिवसीय जीवन प्रबंधन शिविर का शुक्रवार को समापन हो गया। शिविर में छत्तीसगढ़ के 26 जिलों के 400 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्याजी ने शिविर के अंतिम दिन जीवन को व्यवस्थित रखने के विविध सूत्रों की विस्तार से जानकारी प्रतिभागियों को दी। 

उन्होंने कहा कि अवसाद मनुष्य की सबसे बड़ी कमी है, इसे कभी भी अपने पास नहीं आने देना चाहिए। उन्होंने इससे छुटकारे का उपाय बताया और कहा, "अवसाद से बचे रहने के लिए सद्साहित्य का सदैव अध्ययन, चिंतन करते रहना चाहिए। साथ ही रचनात्मक कार्यों को गति देने में ज्यादा से ज्यादा योगदान करना चाहिए।"

शिविर संयोजक डॉ सुलोचना शर्मा के अनुसार पांच दिवसीय इस शिविर में छत्तीसगढ़ के 26 जिलों से आए 400 से अधिक भाई-बहनों ने हिस्सा लिया।


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