कन्याकुमारी अश्वमेध महायज्ञ के लिए रथ रवाना

Published on 2015-09-17
img

शांतिकुंज के संचालन में कन्याकुमारी में २८ से ३१ जनवरी २०१६ में अश्वमेध महायज्ञ होने जा रहा है। इस महायज्ञ हेतु दक्षिण भारत के राज्यों में प्रचार-प्रसार के लिए दो रथ को व्यवस्थापक श्री गौरीशंकर शर्मा एवं ट्रस्टी श्री हरीश ठक्कर ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इससे पूर्व गायत्री परिवार प्रमुख डॉ प्रणव पण्ड्याजी व शैल दीदी ने रथ का पूजन किया।


अश्वमेध महायज्ञ से जुड़े एक वरिष्ठ कार्यकर्त्ता ने बताया कि देवसंस्कृति दिग्विजय अभियान के तहत अखिल विश्व गायत्री परिवार अश्वमेध महायज्ञ का शृंखलाबद्ध आयोजन कर रहा है। सन् १९९३ से प्रारंभ हुए इस आयोजन की अगली कड़ी में कन्याकुमारी में २८ से ३१ जनवरी २०१६ की तारीखों में होने जा रहा है। कन्याकुमारी का अश्वमेध महायज्ञ भारत का ३०वां एवं सम्पूर्ण शृंखला का ४१वां यज्ञायोजन है। १० अश्वमेध महायज्ञ विदेश की धरती पर हो चुके हैं। यज्ञानुष्ठान से जुड़े एक वरिष्ठ कार्यकर्त्ता ने बताया कि युगऋषि पूज्य पं० श्रीराम शर्मा आचार्य की योजनाओं को मूर्त रूप देने के लिए इस तरह के यज्ञानुष्ठान किये जा रहे हैं। यह समाज में गायत्री परिवार के अन्य अनुष्ठानों की ही तरह राष्ट्र के विकास हेतु संकल्पित है। इस अवसर पर शांतिकुंज के अनेक कार्यकर्त्ताओं के अलावा दक्षिण भारत से आये परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

img

देसंविवि में उसिनदिएना पर्व हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न

आदमी की नस्ल सुधारने का कार्य कर रहा देसंविवि : डॉ. महेश शर्मावैश्विक एकता एवं शांति के लिए गायत्री परिवार पूरे विश्व में सक्रिय : डॉ. पण्ड्याजीरेनासा, संस्कृति संचार का हुआ विमोचन, डॉ. पण्ड्याजी ने अतिथियों को किया सम्मानितहरिद्वार २३.....

img

गंगा से भारत की पहचान : डॉ. पण्ड्या

गंगा सफाई में हजारों स्वयंसेवियों ने बहाया पसीनाहरिद्वार में सप्तऋषि क्षेत्र से जटवाडा पुल तक गंगा तटों की हुई वृहत सफाईहरिद्वार २२ अप्रैल।गंगा मैया के अवतरण दिवस के मौके पर गायत्री परिवार के करीब ढाई लाख स्वयंसेवक गोमुख से गंगासागर.....

img

जीवन यज्ञमय हो : डॉ. पण्ड्याजी

डॉ पण्ड्याजी ने विद्यार्थियों को बताया मानव जीवन की गरिमा का धर्महरिद्वार २० अप्रैल।देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. प्रणव पण्ड्याजी ने कहा कि मानव जीवन यज्ञमय होना चाहिए। यज्ञ अर्थात् दान, भावनाओं का दान, कर्म का दान आदि। जो कुछ.....