Published on 2015-10-08
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कार्यकर्त्ता प्रशिक्षण शिविर के प्रतिभागियों से चर्चा करते हुए  डॉ . प्रणव पण्ड्याजी ने कहा-
इक्कीसवीं सदी होगी विचार क्रांति की सदी |


६ हजार किमी की साइकिल यात्रा कर निर्मल गंगा का संदेश देगा गायत्री परिवार

अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख डॉ प्रणव पण्ड्या ने कहा कि इक्कीसवीं सदी विचार क्रांति की सदी है, असंख्य समस्याओं का समाधान विचार क्रांति है। युगऋषि पं० श्रीराम शर्मा आचार्यश्री ने अपने कई सालों के तप की पूंजी को ३२०० से अधिक साहित्य के रूप में परिणत किया है। उनके विचारों को जन- जन तक विभिन्न माध्यमों से पहुंचाने तथा तथा उनके साहित्य को विश्व के समक्ष रखने के लिए शांतिकुंज कृतसंकल्पित है।

डॉ पण्ड्या गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में चल रहे कार्यकर्त्ता प्रशिक्षण शिविर के प्रतिभागियों से चर्चा कर रहे थे। इस शिविर में देश भर के चयनित वरिष्ठ कार्यकर्त्ताओं सम्मिलित हैं। उन्होंने कहा कि आज लोगों में आस्था का संकट पैदा हो गया है। उनके विचारों में भटकाव आ गया है। इसे बदलने के लिए चिंतन में आशावाद जरूरी है। उन्होंने कहा कि गुरु और ज्ञान एक दूसरे के पर्याय हैं। गुरु की कृपा यदि किसी पर हो, तो मन की परेशानियाँ स्वतः समाप्त हो जाती हैं। पूज्य आचार्यश्री के ज्ञान की इस आँधी (साहित्य) को लेकर समाज के प्रत्येक वर्ग के पास जाना है। उन्होंने आने वाले समय को विचारवानों का बताया। शैल दीदी ने कहा कि आचार्यश्री के चिंतन को गायत्रीमय तथा कर्म को यज्ञमय बताते हुए उनके व्यक्तित्व व कर्तृत्व की विस्तार से जानकारी दी। शांतिकुंज अधिष्ठात्री ने उपासना, साधना व आराधना के माध्यम से ही जीवन में प्रगति होती है और समाज को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दे सकते हैं।

अखिल विश्व गायत्री परिवार ने अपने आराध्यदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्यजी की परिकल्पनाओं को साकार करने का बीड़ा उठाया है। चाहे प्राकृतिक आपदा हो या राष्ट्रीय समस्याएँ, वह हमेशा से ही तन, मन, धन से आगे बढ़कर सहयोग किया है। इन दिनों पूरा विश्व आतंकवाद की भयावह समस्या से जूझ रहा है। ऐसे समय में विचार क्रांति  अभियान से जुड़े कार्यकर्ता समग्र समाज में स्वस्थ विचार धारा को जन- जन तक पहुंचाने हेतु तीव्र गति से कार्य कर रहे हैं।

शांतिकुंज कार्यक्रम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार गायत्री तीर्थ द्वारा घोषित साहित्य विस्तार वर्ष के अंतर्गत विशेष टोलियाँ निकलेंगी, जो जन- जन तक सत्साहित्य पहुंचाने के लिए जनजागरण अभियान चलायेगी। वहीं दूसरी ओर २५२५ किमी की दूरी तय करने वाली भागीरथ को निर्मल गंगा जन अभियान के तहत अविरलता व गंगा को प्रदूषण मुक्त रखने हेतु जन- जागरण साइकिल टोली निकलेंगी, जो गंगोत्री से गंगासागर तक के गंगा के दोनों तटों की गंगा के तटीय स्थलों पर लोगों को प्रेरित करने का कार्य करेगी। इसके साथ ही आदर्श ग्राम्य विकास योजना के अंतर्गत एक अलग टोली होगी, जो गाँव की ऊर्जा- शक्ति गाँव के विकास में लगाने हेतु लोगों को जागरुक करेगी। इस शिविर में छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, राजस्थान, मप्र, उप्र, गुजरात, उत्तराखंड सहित अनेक राज्यों के चयनित वरिष्ठ कार्यकर्त्ता शामिल हैं।


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