Published on 2015-10-11

परिव्राजकों का सादगी हो अनिवार्य : श्री गौरीशंकर शर्माजी
निर्मल गंगा जन अभियान के तहत गंगोत्री से गंगासागर तक निकलेंगी साइकिल टोलियाँ
गांवों से युवाओं के पलायन रोकने के लिए उठाये जा रहे विशेष कदम

 
गायत्री तीर्थ शांतिकुंंज में चल रहे केन्द्रीय टोली प्रबोधन शिविर का शनिवार को समापन हो गया। दस दिन तक चले इस शिविर में राजस्थान, छत्तीसगढ़, मप्र, उप्र, कोलकाता, झारखंड, बिहार, ओड़िशा आदि प्रांतों से आये वरिष्ठ कार्यकर्ता शामिल रहे। शिविर के दौरान प्रतिभागियों को पौरोहित्य, संभाषण, संगीत एवं आदर्श ग्राम योजना के विविध पहलुओं तथा निर्मल गंगा जन अभियान से जुड़े कई विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गयी।

शिविर के समापन सत्र को संबोधित करते हुए शांतिकुंज व्यवस्थापक श्री गौरीशंकर शर्मा ने परिव्राजकों के दायित्व एवं परिव्रज्या के दौरान होने वाले जीवनचर्या पर विस्तार से प्रकाश डाला। श्री शर्मा ने कहा कि सच्चा परिव्राजक वही है जिसके जीवन में सेवा एवं सादगी हो। ऐसा परिव्राजक अपनी वाणी से कहीं ज्यादा आचरण से लोगों को प्रेरित करता है। युगऋषि पं० श्रीराम शर्मा आचार्य, रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद आदि महापुरुषों का उदाहरण देते हुए श्री शर्मा ने उनके जीवन से सीखने एवं अमल में लाने की वकालत की। साथ ही समझदारी, ईमानदारी, जिम्मेदारी एवं बहादुरी को सच्चे परिव्राजक का मूल कर्तव्य बताया।

परिव्रज्या पर निकलने से पूर्व दिये इस उद्बोधन में उन्होंने कहा कि पूरा समाज आज गायत्री परिवार की ओर देख रहा है। जहां कहीं भी कोई आपदा आती है, लोग सबसे पहले गायत्री परिवार को याद करते हैं। उन्होंने कहा कि आज समाज के चहुुंमुखी विकास के लिए लोग गायत्री परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने को तैयार हैं।

शांतिकुंज के कार्यक्रम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार साहित्य विस्तार वर्ष के अंतर्गत चलाये जा रहे कार्यक्रमों के तहत सत्साहित्य विस्तार एवं यज्ञायोजन के लिए कई टोलियाँ निकलेंगी, जिनका कार्यक्रम चार दिवसीय होगा। इसके माध्यम से लोगों को भारतीय संस्कृति एवं आत्मिक विकास के गुर सिखाये जायेंगे। ये टोलियाँ २० अक्टूबर से होली तक पूरे देश में करीब ३५० चयनित स्थानों में कार्यर्क्रम सम्पन्न करायेंगी। आदर्श ग्राम योजना के लिए ढ़ाई दिवसीय कार्यक्रम होंगे, जिसके अंतर्गत गाँव की ऊर्जा- गाँव की शक्ति को गांवों के विकास में लगाने एवं गांवों से हो रहे पलायन को रोकने हेतु लोगों को जागरूक किया जायेगा। यह कार्यक्रम नवम्बर के प्रथम सप्ताह से प्रारंभ होगा।

रचनात्मक प्रकोष्ठ ने बताया कि २५२५ किमी की दूरी तय करने वाली भागीरथी को निर्मल गंगा जन अभियान के तहत  पांच अंचल में बाँटा गया है। प्रत्येक अंचल में सौ- सौ साइकिल टोलियाँ निकलेंगी जो गंगा के अविरलता व उसे प्रदूषण मुक्त रखने हेतु गंगोत्री से गंगासागर तक के दोनों छोरों के तटीय स्थलों पर लोगों को प्रेरित करने का कार्य करेगी। दस दिवसीय शिविर में शांतिकुंज के वरिष्ठ कार्यकर्त्ता श्री वीरेश्वर उपाध्याय, डॉ ओपी शर्मा, डॉ गायत्री शर्मा, केसरी कपिल, कालीचरण शर्मा, शरद पारधी, केपी दुबे, नमोनारायण  पाण्डेय, डीपी सिंह आदि ने विभिन्न विषयों पर संबोधित किया।





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