Published on 2015-10-18

अखिल विश्व गायत्री परिवार के अंतर्राष्ट्रीय मुख्यालय शांतिकुंज से पांच टोली २२ राज्यों में विभिन्न यज्ञायोजन कराने के लिए रवाना हुईं। प्रत्येक टोली में नायक, सहायक, युगगायक, वादक सहित पांच सदस्य शामिल हैं। टोली का कार्यक्रम २० अक्टूबर से प्रारंभ होकर होली तक चलेगी।

टोली की विदाई के अवसर पर गायत्री परिवार प्रमुख डॉ प्रणव पण्ड्याजी ने कहा कि आज समाज को विचारवानों की जरूरत है। विचारवान ऐसे हों, जो अपने परिवार, समाज व राष्ट्र को ऊंचा उठाने में आगे बढ़कर कार्य कर सकें और समाज को नई दिशा दे सकें। उन्होंने कहा कि युगऋषि पं० श्रीराम शर्मा आचार्यश्री ने ३२ सौ से अधिक सत्साहित्य की रचना की है। उसमें व्यक्तिगत से लेकर सम्पूर्ण राष्ट्र के समस्त समस्याओं के समाधान निहित है। जरूरत है तो केवल उसके अध्ययन एवं तदनुरूप कार्य करने की ललक पैदा करने की। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के माध्यम से लोगों में सत्साहित्य के प्रति रुचि पैदा करने के साथ उन्हें प्रगति पथ पर आगे बढ़ चलने के लिए प्रेरित करें। जन- जन की प्रगति से ही राष्ट्र की प्रगति संभव है।

अपने लंबे समय के अनुभवों को साझा करते हुए संस्था की अधिष्ठात्री शैलदीदी ने कहा कि आज पूरी दुनिया गायत्री परिवार की ओर आशा भरी निगाहों से देख रही है। शैलदीदी ने कहा कि पूज्य गुुरुदेव एवं वन्दनीया माताजी ने जिस तरह अपने तन, मन, धन से लोगों को आगे बढ़ाने हेतु प्रेरित किया है, उनके इन्हीं सूत्रों को जन- जन तक पहुँचाना है ताकि समर्थ व्यक्ति कमजोर व असहायों की सेवा के लिए आगे आ सकें। शांतिकुंज व्यवस्थापक श्री गौरीशंकर शर्मा ने कहा कि कार्यक्रम के माध्यम से लोगों में प्यार, सहकार अपनापन के बीज बोने की जरूरत है। शांतिकुंज स्थित कार्यक्रम विभाग के अनुसार पहली टोली डॉ गोपीवल्लभ पाटीदार के नेतृत्व में नैमिषारण्य से अपना कार्यक्रम का शुभारंभ करेगी। विनय केसरी की टोली शाहजहाँपुर से, सुनील शर्मा की टोली राजस्थान से, सुखदेव शर्मा की टोली कांगडा (हिप्र) से तथा प्रदीप अवस्थी की टोली रुड़की से कार्यक्रम की शुरुआत करेगी। उन्होंने बताया कि इन टोलियों के कार्यक्रम २० अक्टूबर से प्रारंभ होकर होली तक चलेंगे। ये टोलियाँ उत्तराखंड, उप्र, मप्र, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, आसाम, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान आदि प्रांतों में यज्ञायोजन एवं विभिन्न संस्कार निःशुल्क सम्पन्न करायेंगी। इन टोलियों को शंखनाद के साथ शांतिकुंज के अंतेःवासी भाई- बहिनों एवं नवरात्र साधना करने आये साधकों ने पुष्पवृष्टि कर विदाई दी। इस अवसर पर व्यवस्थापक श्री गौरीशंकर शर्मा, वरिष्ठ कार्यकर्त्ता श्री वीरेश्वर उपाध्याय, श्री हरीश ठक्कर, श्री केसरी कपिल, श्री कालीचरण शर्मा, श्री अशरण शरण श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे। 




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