Published on 2015-10-18

हरिद्वार स्थित देवसंस्कृति विश्वविद्यालय ने अपने १३ वर्ष की आयु में कई उपलब्धियाँ हासिल कर ली हैं। योग के क्षेत्र में तो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति हासिल है। इसी कड़ी में आज इटली के सेंट्रो स्टडी भक्तिवेदांता, एकेडमी ऑफ ट्रेडिशनल इंडियन साइंसेज के संस्थापक व अध्यक्ष डॉ मार्को फेरिनि एवं देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ प्रणव पण्ड्याजी ने एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किये।

इस समझौते के तहत दोनों अपने- अपने संस्थानों के अनुभवों, संसाधन एवं ज्ञान को एक- दूसरे के साथ बाँटेंगे। विद्यार्थियों एवं संस्थान के हित के क्षेत्र में उच्च प्रदर्शन करने वालों को संसाधन उपलब्ध कराया जायेगा। न्यूरो फिडबैक और साइकोलाजिकल विषय पर तकनीक और उन्नत प्रौद्योगिकी के साथ स्वास्थ्य, योग विज्ञान, कंप्यूटर विज्ञान, भारतीय संस्कृति एवं शिक्षा के क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं के विकास को बढ़ावा देने के लिए दोनों संस्थान मिलकर कार्य करेंगे। दोनों संस्थान शोध कार्यक्रमों के तहत अनुसंधान कार्यक्रमों को लेकर नियमित से अपनी रिपोर्ट आदान- प्रदान करेंगे। दोनों संस्थान संयुक्त रूप से आपसी हितों के क्षेत्रों में प्रकाशन और अनुसंधान कार्य करेंगे। इस अवसर पर कुलाधिपति डॉ प्रणव   पण्ड्याजी ने बताया कि देसंविवि के लिए यह अनुबंध एक नया आयाम खोलेगा। उन्होंने बताया कि देसंविवि का अब तक भारत के अलावा अर्जेंटीना, जर्मनी, कोरिया, स्विटजरलैण्ड, रूस, यूके, अमेरिका, चीन सहित १४ देशों के २२ संस्थानों के साथ अनुबंध हुआ है। 






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