Published on 2015-10-23
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गायत्री तीर्थ शांतिकुंज, देवसंस्कृति विश्वविद्यालय व एनएसएस के छात्र- छात्राएँ, गायत्री विद्यापीठ के साथ- साथ गंगा किनारे बसे नई टिहरी से लेकर इलाहाबाद तक के हजारों लोग गंगा मैय्या की गोद में उतरेंगे। ये स्वयंसेवक हरिद्वार के हृदय स्थल कहे जाने वाले हरकी पैड़ी से लेकर ललतारौ पुल तक को सात सेक्टरों में बाँटकर गंगा मैय्या में जगह- जगह बिखरा कूड़ा- करकट निकालकर उसे स्वच्छ करने के लिए अपना पसीना बहायेंगे।

यह जानकारी शांतिकुंज के व्यवस्थापक श्री गौरीशंकर शर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि हरिद्वार में गंगा क्लोजर के दौरान गायत्री साधक अपना एक दिन का समय गंगा मैय्या की सेवा में लगाते रहे हैं। इस वर्ष भी २५ अक्टूबर को शांतिकुंज के अंतेःवासी कार्यकर्त्ता, देवसंस्कृति विवि परिवार व एनएसएस के छात्र- छात्राएँ, ब्रह्मवर्चस शोध संस्थान के वैज्ञानिक एवं चिकित्सक, गायत्री विद्यापीठ के शिक्षक- विद्यार्थी एवं विभिन्न प्रशिक्षण सत्रों में सम्पूर्ण देश के आये भाई- बहिन सफाई कार्य करेंगे। उनके अलावा पश्चिमी उप्र एवं उत्तराखंड के करीब ३५ जनपदों से गायत्री परिजन हजारों की संख्या में आयेंगे और विराट् स्वच्छता अभियान के तहत गंगा मैया की गोद में उतरेंगे। उन्होंने बताया कि इस दिन स्वच्छता अभियान की शुरुआत प्रातः बजे होगी। यहां बताते चलें कि , १३, १८ अक्टूबर के बाद २५ अक्टूबर को भी गायत्री परिवार के हजारों कार्यकर्त्ता निःस्वार्थ भाव से गंगा सफाई करेंगे। इससे पता चलता है कि गायत्री परिवार गंगा की सफाई को लेकर कितना सजग है।

उन्होंने बताया कि २७ अक्टूबर को गोमुख से गंगासागर तक जन- जन को गंगा स्वच्छता के प्रति सचेत एवं संकल्प दिलाने हेतु गंगा ग्राम यात्रा के लिए पांच सौ साइकिल टोलियाँ निकल रही हैं, जिन्हें गायत्री परिवार प्रमुख डॉ प्रणव पण्ड्याजी हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।


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