Published on 2015-11-12
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युवाओं व समाजोत्थान के कार्यों में समर्पित रहा जीवन

अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख व देवसंस्कृति विवि के कुलाधिपति डॉ. प्रणव पण्ड्याजी का ६६वाँ जन्मदिन दीपयज्ञ के साथ सादगीपूर्ण माहौल में मनाया गया। इस मौके पर उनके पिताजी पूर्व न्यायाधीश श्री सत्यनारायण पण्ड्या ने मंगल तिलक कर शुभाशीष दिया। पश्चात संस्था की अधिष्ठात्री शैल दीदी सहित शांतिकुंज के कार्यकर्ता भाई- बहिनों एवं गायत्री विद्यापीठ के बच्चों ने गुलदस्ता भेंटकर स्वस्थ जीवन की मंगलकामना की।

एमडी (मेडीसिन) में स्वर्ण पदक प्राप्त डॉ. पण्ड्याजी ने अपने सद्गुरु पूज्य पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी के हाथों कठपुतली की भाँति सौंपकर उनके निर्देशों के पालन में लगा दिये। देश- विदेश में युवाओं का मार्गदर्शन, भारतीय संस्कृति का विश्वभर में प्रचार- प्रसार, देसंविवि के संचालन, साहित्य लेखन- संपादन, विज्ञान और अध्यात्म के समन्वय पर शोध कार्य जैसे अनेक विशिष्ट कार्यों में उन्होंने जीवन होम दिया है। सादा जीवन उच्च विचार को अपने व्यावहारिक जीवन में उतारने वाले डॉ. पण्ड्या समाज के प्रत्येक वर्ग के विकास में अपना जीवन समर्पित कर दिया है। वहीं विद्यापीठ के नौनिहालों एवं देसंविवि परिवार ने यज्ञ कर अपने अभिभावक डॉ पण्ड्या की उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घजीवन की प्रार्थना की।

सादे कार्यक्रम के रूप में आयोजित चेतना दिवस के अवसर पर देवसंस्कृति विवि के मृत्युजंय सभागार में ईएमडी द्वारा बनाई गयी प्रेरणाप्रद डाक्यूमेंट्री दिखाई गई। साथ ही देसंविवि विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये। तो वहीं कुलपति श्री शरद पारधी, कुलसचिव संदीप कुमार, श्री महेन्द्र शर्मा आदि वरिष्ठ जनों ने जन्मदिवस की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने जीवन में सफलता प्राप्त करने एवं सभ्य, सुसंस्कृत व विकसित समाज हेतु विद्यार्थियों से एक- एक बुराई को छोड़ने एवं एक- एक अच्छाई ग्रहण करने की सलाह दी। इस दौरान विवि विभागाध्यक्ष, प्रोफेसर एवं विद्यार्थीगण सहित बड़ी संख्या में शांतिकुंज के अंतेःवासी कार्यकर्त्ता भाई- बहिन उपस्थित थे। 


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