Published on 2015-11-15

२५० मरीजों का परीक्षण हुआ, निःशुल्क दवाइयाँ भी दी गयीं
५० से अधिक महिला एवं ६५ से अधिक पुरुषों को टेस्ट करा ही लेना चाहिए -  
डॉ मढ़रिया

गायत्री तीर्थ, शांतिकुंज स्थित आचार्य श्रीराम शर्मा शताब्दी चिकित्सालय में शनिवार को बोन मिनरल डेंसिटी (बीएमडी) टेस्ट का विशेष शिविर आयोजित हुआ। इसके अंतर्गत रायपुर, छत्तीसगढ़ से आये प्रसिद्ध अस्थिरोग विशेषज्ञ डॉ अरुण मढ़रिया और उनके सहयोगियों ने २५० से अधिक मरीजों का परीक्षण किया और आवश्यक औषधियाँ निःशुल्क प्रदान कीं।

डॉ अरुण मढ़रिया ने बताया कि उम्र के बढ़ने के साथ- साथ ऑस्टियो पोरोसिस रोग होने लगते हैं। इनका मुख्य कारण है हड्डियोंं में कैल्शियम तथा अन्य मिनरल्स की कमी होना है। जिसके कारण हड्डियों की क्षमता घटने लगती है। हड्डियाँ कमजोर हो जाने से शरीर के जोड़ों में दर्द आरंभ हो जाता है। इसके साथ ही गिरने या टकराने जैसी घटनाओं में आसानी से हड्डियों में फ्रैक्चर हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि इस तरह की परेशानियाँ मुख्य रूप से महिलाओं में कम उम्र में बच्चेदानी के निकालने से भी होने लगती हंै। उन्होंने बताया कि ५० वर्ष से अधिक की महिलाओं एवं ६५ वर्ष से अधिक के पुरुषों को यह टेस्ट करा लेना चाहिए। इसके बचाव के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि नियमित व्यायाम, मौसमी फलों का सेवन तथा जंक फूड से दूर रहना चाहिए।

शिविर के लिए सेवाएँ प्रदान कर रहे विशेषज्ञों ने बताया कि ४० वर्ष से अधिक के प्रत्येक व्यक्ति को बीएमडी टेस्ट करा लेना चाहिए। इससे शरीर में कैल्शियम की मात्रा का पता लगता है। कैल्शियम कम होने की स्थिति में औषधियों द्वारा उसकी पूर्ति की जा सकती है और इस तरह हड्डियों को कमजोर होने तथा विभिन्न प्रकार के रोगों से बचा जा सकता है।

आचार्य श्रीराम शर्मा शताब्दी चिकित्सालय, शांतिकुंज की प्रभारी डॉ गायत्री शर्मा, डॉ ओपी शर्मा, सर्जन डॉ नायक ने शिविर में आये परिजनों को हड्डियों के रोग और उनसे बचने के विविध उपायों की जानकारी दी। डॉ शर्मा ने बताया कि बीएमडी टेस्ट इलैक्ट्रॉनिक उपकरण के माध्यम से होने वाला बड़ा ही आसान टेस्ट है। इसमें शरीर का किसी तरह का कोई सेंपल टेस्ट के लिए नहीं देना होता। मात्र एक पेङ्क्षसल नुमा आधुनिक इलैक्ट्रॉनिक उपकरण को हाथ में पकड़ने से ही यह टेस्ट हो जाता है।

डॉ. शर्मा ने बताया कि यह शिविर शांतिकुंज में हर तीन माह में एक बार लगाया जायेगा। अगला शिविर तीन माह बाद पुनः १३ फरवरी को आयोजित किया जायेगा। इस शिविर में शांतिकुंंज, हरिपुर कला, भूपतवाला, हरिद्वार के २५० से अधिक नर- नारियों ने परीक्षण कराया।


Write Your Comments Here:


img

प्राणियों, वनस्पतियों व पारिस्थितिक तंत्र के अधिकारों की रक्षा हेतु गायत्री परिवार से विनम्र आव्हान/अनुरोध

हम विश्वास दिलाते हैं की जीव, जगत, वनस्पति व पारिस्थितिकी तंत्र के व्यापक हित में उसके अधिकार को वापस दिलवाना ही हमारा एकमात्र उद्देश्य और मिशन है| जलवायु संकट की वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए तथा जीव-जगत को.....

img

गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में तीन दिवसीय युवा सम्मेलन का आज समापन

क्षमता का विकास करने का सर्वोत्तम समय युवावस्था - डॉ पण्ड्याराष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के युवाओं को तीन दिवसीय सम्मेलन का समापनहरिद्वार 17 अगस्त।गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में तीन दिवसीय युवा सम्मेलन का आज समापन हो गया। इस सम्मेलन में राष्ट्रीय राजधानी.....

img

देसंविवि के नये शैक्षिक सत्र का शुभारंभ करते हुए डॉ. पण्ड्या ने कहा - कर्मों के प्रति समर्पण श्रेष्ठतम साधना

हरिद्वार 26 जुलाई।देसंविवि के कुलाधिपति श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या ने विश्वविद्यालय के नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं के नये शैक्षिक सत्र का शुभारंभ के अवसर पर गीता का मर्म सिखाया। इसके साथ ही विद्यार्थियों के विधिवत् पाठ्यक्रम का पठन-पाठन का क्रम की शुरुआत.....