Published on 2016-01-08

देवसंस्कृति विवि के कुलाधिपति व अभिभावक डॉ प्रणव पण्ड्याजी ने कहा कि इंटर्नशिप अपने अंदर छिपी प्रतिभा को उभारने का नाम है। वे देसंविवि में आयोजित इंटर्नशिप प्रशिक्षण शिविर के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि जिस तरह स्वामी विवेकानंद, स्वामी रामतीर्थ, गायत्री परिवार के जनक पूज्य पं० श्रीराम शर्मा आचार्य आदि महापुरुषों ने निष्कपट भाव से समाज के लिए जिया और समाज को नई दिशा दी है, उसी तरह ऐसे कुछ कार्य करें कि जिससे देसंविवि परिवार के साथ पूरा समाज आप पर गर्व करे। गीता के विभिन्न श्लोकों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान अपने सीसीटीवी से आपकी पारदर्शिता को देखेगा। इसके साथ ही डॉ पण्ड्याजी ने विद्यार्थी के दैनिक जीवन की मूलभूत जानकारियों पर प्रकाश डाला।

मुख्य अतिथि पुलिस महानिरीक्षक, गढ़वाल के श्री संजय गुंज्याल ने कहा कि इंटर्नशिप जीवन की लम्बी दूरी के लिए प्रथम पग की तरह मायने रखता है। उन्होंने कहा कि मानवीय मूल्यों के जो शिक्षण इस देवसंस्कृति विवि में मिला है, उसे सदैव याद रखेंगे तो आशा करता हूँ जीवन में आने वाली बाधाएँ दूर हो जायेंगी या कम हो जायेंगी। उन्होंने अपने व्यक्तिगत जीवन के अनुभवों को याद करते हुए कहा कि सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ेंगे, तो सफलताएँ ही मिलेंगी। पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि व्यक्तिगत भाव को छोड़कर सेवा भाव में जुटने से ही सुखद अनुभूति होगी।

कुलपति श्री शरद पारधी ने कहा कि मानवीय मूल्यों पर आधारित शिक्षण पद्धति के कारण ही यहाँ के विद्यार्थियों में एक अलग की चमक दिखाई देती है। प्र्रति कुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि देवसंस्कृति विवि की अनुठी इंटर्नशिप प्रक्रिया के तहत यहाँ अध्ययनरत विद्यार्थियों को अपना पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद एक निश्चित अवधि के लिए परिव्रज्या करनी होती है। इसके पश्चात ही उन्हें डिग्री दी जाती है। उन्होंने कहा कि युवावर्ग की समस्याओं को युवा ही बेहतर ढंग से समझ सकते हैं और समझदार, सुलझे हुए युवा ही उसका सर्वश्रेष्ठ समाधान सुझा सकते है

इंटर्नशिप में जाने वाले ये विद्यार्थी देवसंस्कृति विवि के एमए, एमएससी में अध्ययनरत व डिप्लोमा सहित कई पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद समाज सेवा के लिए एक माह का समयदान कर रहे हैं। इन युवाओं की टोली भारतवर्ष के २२ राज्यों के साथ नेपाल के विभिन्न शहरों में देवसंस्कृति की अलख जगायेंगी। इनके कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य भागदौड़ भरी जिंदगी जी रहे युवाओं को कुछ समय निकालकर समाज व राष्ट्र के लिए अपना योगदान देने के लिए प्रेरित करना है। कुलसचिव श्री संदीप कुमार ने सभी का आभार प्रकट किया। उद्घाटन सत्र का संचालन गोपाल शर्मा ने किया। इस अवसर पर देवसंस्कृति विवि परिवार के अलावा अनेक पुलिस अधिकारी उपस्थित थे। 


Write Your Comments Here:


img

गृह मंत्री अमित शाह बोले- वर्तमान एजुकेशन सिस्टम हमें बौद्धिक विकास दे सकता है, पर आध्यात्मिक शांति नहीं दे सकता

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि हम उन गतिविधियों का समर्थन करते हैं जो हमारे देश की संस्कृति और सनातन धर्म को प्रोत्साहित करती हैं। पिछले 50 वर्षों की अवधि में, हम हम सुधारेंगे तो युग बदलेगा वाक्य.....

img

शान्तिकुञ्ज में 75वाँ स्वतंत्रता दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया

प्रसिद्ध आध्यात्मिक संस्थान गायत्री तीर्थ शांतिकुंज, देव संस्कृति विश्वविद्यालय एवं गायत्री विद्यापीठ में 75वाँ स्वतंत्रता दिवस उत्साह पूर्वक मनाया गया। शांतिकुंज में गायत्री परिवार प्रमुख एवं  देव संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति  श्रद्धेय डॉक्टर प्रणव पंड्या जी तथा संस्था की अधिष्ठात्री.....