Published on 2016-05-23

भासंज्ञाप के राष्ट्रीय स्तर पर प्रावीण्य सूची में आये विद्यार्थियों का सम्मान समारोह
पंजाब, गुजरात, दिल्ली व उप्र के १११ होनहार विद्यार्थियों को किया गया सम्मानित

हरिद्वार २३ मई।

शांतिकुंज के सौजन्य से देश भर में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा का आयोजन होता है। वर्ष २०१५ की परीक्षा में प्रांतीय स्तर पर प्रथम, द्वितीय व तृतीय आये विद्यार्थियों का विशेष सम्मान समारोह सम्पन्न हुआ। चार दिन तक चले इस समारोह के अंतिम दिन अपने- अपने वर्ग में सर्वोच्च अंक प्राप्त गुजरात के ३०, उप्र के ३०, दिल्ली के २७ तथा पंजाब के २४ विद्यार्थियों को स्मृति चिह्न, प्रशस्ति पत्र एवं नगद राशि से सम्मानित किया गया।

शिविर के विदाई सत्र को संबोधित करते हुए व्यवस्थापक श्री गौरीशंकर शर्मा ने कहा कि आज के युवा वायु की दिशा को मोड़ने सक्षम हैं। वह इसके साथ ही समाज को भी नई दिशा दे सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रगतिशील युवा बनने के लिए कठोर श्रम कर सद्ज्ञान प्राप्त करें फिर अपने व्यक्तित्व के माध्यम से समाज में एक मिसाल कायम करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन से ही इसे प्रारंभ कर देना चाहिए। व्यवस्थापक श्री शर्मा ने कहा कि बड़ों का सम्मान करना व छोटों को प्यार देना यह एक ऐसी कला है, जिससे परिवार, समाज व राष्ट्र को बुलंदी तक पहुंचाने के लिए प्रथम सीढ़ी कहा जा सकता है।

भासंज्ञाप के डॉ. पीडी गुप्ता के अनुसार इस वर्ष देश के कुल २२ राज्यों में भासंज्ञाप आयोजित हुई थी, जिसमें ४८ लाख से अधिक विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया था। यह परीक्षा कक्षा पांच से स्नातक स्तर के लिए अलग- अलग वर्ग आयोजित किया गया था। उन्होंने बताया कि अपने- अपने वर्ग में सर्वोच्च अंक प्राप्त गुजरात के ३०, उप्र के ३०, दिल्ली के २७ तथा पंजाब के २४ विद्यार्थियों को स्मृति चिह्न, प्रशस्ति पत्र एवं नगद राशि से सम्मानित किया गया।

उन्होंने बताया कि शांतिकुंज द्वारा घोषित युवा क्रांतिवर्ष के अंतर्गत देश के चयनित १०० जिलों में सितम्बर से फरवरी के बीच युवाओं के स्किल डेवलपमेंट हेतु शिविर लगाये जायेंगे। इस हेतु विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ युवाओं के बीच जायेंगे। यह शिविर निःशुल्क होगा।

विद्यार्थियों को श्री शिवप्रसाद मिश्र, डॉ. बृजमोहन गौड़, श्री कालीचरण शर्मा, श्री चक्रधर थपलियाल, श्री आर.के आमेठा, राजेश मिश्रा, मंगल गढ़वाल आदि ने भी संबोधित किया। विदाई समारोह का संचालन अतुल द्विवेदी ने किया। इस अवसर पर उत्तराखण्ड, मप्र, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखण्ड, गुजरात, जम्मू कश्मीर, महाराष्ट्र सहित देश के १८ राज्यों के ३०० से अधिक विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक उपस्थित रहे।




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