Published on 2016-05-31

हरिद्वार ३१ मई। 

अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज ने अंतर्राष्ट्रीय तंबाकू निधेष दिवस को व्यसन मुक्ति दिवस के रूप में मनाया। मंगलवार को जहाँ नशा, शराब आदि दुर्व्यसनों से होने वाली गंभीर बीमारियों के साथ पारिवारिक कलह के प्रति सचेत करते हुए रैली निकाली, तो वहीं नशा के अभिशाप से बचने हेतु पर्चे बाँटकर इससे होने वाली हानियों को गिनाया। 

शांतिकुंज के देवात्मा हिमालय क्षेत्र से श्री केसरी कपिल जी, श्री रामसहाय शुक्ल आदि वरिष्ठ कार्यकर्त्ताओं ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। रैली में पैदल, साइकिल, ई- रिक्शा व ओपन डाला में शांतिकुंज के अंतेवासी कार्यकर्त्ता, विभिन्न प्रशिक्षण शिविर में आये हजारों पीतवस्त्रधारी नर- नारियों ने प्रतिभाग किया। बहिनों ने शराब व अन्य दुर्व्यसन के विरोध नारे लगा रही थी, तो वहीं भाइयों ने संगीतबद्ध व्यसन मुक्ति गीत से लोगों को जागरूक किया। शांतिकुंज के  नौनिहालों ने तंबाकू, शराब आदि दुर्व्यसन से होने वाली विभिन्न बीमारियों के पर्चे बांटे। रैली सप्तऋषि क्षेत्र, भारत माता मंदिर, भारतसदन, रानी गली से राष्ट्रीय राजमार्ग होते हुए वापस शांतिकुंज पहुंची। 

इस अवसर पर गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्याजी ने कहा कि इन दिनों देश में नशे का प्रचार प्रसार बहुत तेजी से हुआ है। समाज के एक वर्ग देश के भोले- भाले तथा अपरिपक्व मनःस्थिति के नागरिकों को अपने चंगुल में फंसा रहे हैं। इस विषय पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि इनके सर्वाधिक शिकार युवा पीढ़ी हो रही है। नशा नाश का कारण बनकर वैयक्तिक, पारिवारिक, सामाजिक एवं राष्ट्रीय जीवन में कहर बरसा रहा है। परिणामस्वरूप दुर्घटनाएँ, बलात्कार, घरेलू हिंसा, अपराध, आतंक, अशिक्षा, रुग्णता जैसी अनेक मुसीबतें बड़ी चुनौतियाँ बनकर उभर रहीं हैं। उन्होंने कहा कि अखिल विश्व गायत्री परिवार संसार का पूर्ण नशामुक्त परिवार है तथा अपने विभिन्न सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों में नशे को दक्षिणा (देव दक्षिणा) के रूप में छुड़ाने का संकल्प करा करोड़ों लोगों को नशा मुक्त किया है। 

व्यसन मुक्ति अभियान से जुड़े श्री कालीचरण शर्मा ने बताया कि मप्र, छत्तीसगढ, झारखण्ड, गुजरात, तेलंगाना, तमिलनाडू, पं बंगाल, ओडिशा आदि राज्यों के ५००० से अधिक स्थानों में व्यसन मुक्ति रैली निकाली गयी। इसमें युवाओं की संख्या अधिक रही। उन्होंने बताया कि रैली के उपरांत उपस्थित जनसमुदाय को नशा मुक्ति जीवन जीने एवं कम से कम दो पड़ौसियों को दुर्व्यसन मुक्त कराने का संकल्प दिलाया गया। 

युवा प्रकोष्ठ के प्रभारी श्री केदार प्रसाद दुबे ने बताया कि व्यसन मुक्ति जन जागरण हेतु लघु फिल्म, पॉवर पाइंट प्रेजेण्टेशन, प्रदर्शनी आदि माध्यमों से व्यापक प्रचार- प्रचार किया गया। साथ ही गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्याजी जी के अगुवाई में व्यसन मुक्त राष्ट्र बनाने लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को एक ज्ञापन भेजा गया। 


Write Your Comments Here:


img

गृह मंत्री अमित शाह बोले- वर्तमान एजुकेशन सिस्टम हमें बौद्धिक विकास दे सकता है, पर आध्यात्मिक शांति नहीं दे सकता

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि हम उन गतिविधियों का समर्थन करते हैं जो हमारे देश की संस्कृति और सनातन धर्म को प्रोत्साहित करती हैं। पिछले 50 वर्षों की अवधि में, हम हम सुधारेंगे तो युग बदलेगा वाक्य.....

img

शान्तिकुञ्ज में 75वाँ स्वतंत्रता दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया

प्रसिद्ध आध्यात्मिक संस्थान गायत्री तीर्थ शांतिकुंज, देव संस्कृति विश्वविद्यालय एवं गायत्री विद्यापीठ में 75वाँ स्वतंत्रता दिवस उत्साह पूर्वक मनाया गया। शांतिकुंज में गायत्री परिवार प्रमुख एवं  देव संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति  श्रद्धेय डॉक्टर प्रणव पंड्या जी तथा संस्था की अधिष्ठात्री.....