Published on 2016-06-21

अखिल विश्व गायत्री परिवार  के प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्या जी के मार्गदर्शन में ८० से अधिक देशों में फैले गायत्री परिवार ने अपने- अपने संस्थानों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस में बढ़- चढ़कर भागीदारी की। भारत के बीस राज्यों सहित रूस, चीन, अमेरिका, इंग्लैण्ड, लात्विया, दक्षिण अफ्रीका, मॉरिशस आदि देशों में एक लाख से अधिक स्थानों पर प्रज्ञा योग, आसन, प्राणायाम आदि का सामूहिक योगाभ्यास किया।

अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शांतिकुंज के व्यास सभागार में योगाभ्यास का कार्यक्रम आयोजित हुआ जिसमें गायत्री विद्यापीठ के विद्यार्थी, देसंविवि परिवार से लेकर विभिन्न साधना प्रशिक्षण सत्रों में आये शिविरार्थियों सहित शांतिकुंज के अंतेःवासी कार्यकर्त्ता भाई- बहिनों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। बांसुरी, सितार, वायलिन आदि वाद्ययंत्रों के संगीतमय धुन के बीच इन्होंने योगाभ्यास किया। तो वहीं ओंकार व वैदिक मंत्रों के साथ विभिन्न आसन सम्पन्न किये।

भारत सरकार के द्वितीय अंतर्राष्ट्रीय के प्रमुख कार्यक्रम चण्डीगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में गये गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. पण्ड्या जी ने कहा कि गायत्री परिवार विश्व के ८० से अधिक देशों में फैला हुआ है। सभी से कहा गया है कि वे अपने- अपने संस्थानों तथा छोटे- बड़े स्तर पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाये। उन्होंने कहा कि एक लाख से अधिक स्थानों पर गायत्री परिवार ने योगाभ्यास किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ भारत के निर्माण में गायत्री परिवार अमूल्य योगदान देगा। गायत्री परिवार के करोड़ों अनुयायी इस दिशा में सार्थक पहल करना प्रारंभ कर दिया है। गायत्री परिवार बांद्रा टर्मिनल तथा भोपाल में रेलवे के कर्मचारियों के लिए तथा भाभा शोध संस्थान मुम्बई वैज्ञानिकों के लिए गायत्री परिवार ने विशेष शिविर लगाये। वहीं बंगलौर में विविध राजनीतिज्ञों और फिल्मी कलाकार के बीच गायत्री परिवार के युवाओं ने योगाभ्यास कराया।

वहीं शांतिकुंज के सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ कार्यकर्त्ता श्री वीरेश्वर उपाध्याय ने कहा कि जीवन साधना ही सर्वोत्तम योग है। जीवन को उत्कृष्टता की ओर ले जाना सुयोग है, तो वहीं मन में कुविचारों को पालना कुयोग। देसंविवि के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने मार्मिक संस्मरणों के माध्यम से योग को व्यावहारिक जीवन में शामिल करने की अपील की। कहा कि पूज्य युगऋषि पं० श्रीराम शर्मा आचार्य जी जैसे अनेकों महापुरुषों ने न सिर्फ योग को समझा- अपनाया बल्कि उसे जन जन तक पहुँचाने और अपनाने के लिए भी सदा से प्रेरित किया। मीडिया सेल शांतिकुंज के बताया कि डॉ. पण्ड्या जी आज जहाँ चण्डीगढ में मुख्य कार्यक्रम में उपस्थित थे, तो वहीं अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के समापन समारोह में विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. पण्ड्या जी उपस्थिति दर्ज करायेंगे।






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