अच्छी शिक्षा और ऊँची शिक्षा किसी भी देश के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। हम अपने बच्चों को डॉक्टर, इंजीनियर, प्रबंधक, वकील तो बनायें, लेकिन यह भी ध्यान रखें कि उसे पहले एक अच्छा इंसान बनायें। अच्छे इंसान यदि ऐसी उच्च शिक्षा पाते हैं तो वे समाज की सेवा करेंगे। यदि बुद्धि का कौशल अनगढ़ लोगों तक पहुँचता है, तो वह तरह-तरह के विग्रह खड़े करता देखा जाता है। आज हमें राष्ट्र को पतन के गर्त से उबारने के लिए संघर्ष इसीलिए करना पड़ रहा है, क्योंकि हमने इंसान नहीं, अधिकारी बनाने वाली शिक्षा शैली को ही महत्त्व दिया। यदि देश की शिक्षा पर पहले से ही सही ध्यान दिया गया होता तो आज तस्वीर कुछ और ही होती। यदि देश की दशा सुधारनी है तो सबसे पहले हमें शिक्षा की दशा और दिशा ही बदलनी होगी।

देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या ने यह उद्गार 'दिया सूरत द्वारा नगर में आयोजित शिक्षा-विद्या सेमीनार को संबोधित करते हुए व्यक्त किये। वे सेमीनार के मुख्य अतिथि के रूप में युग संदेश दे रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय के उद्देश्य और विशेषताओं की भी विस्तार से चर्चा की। इस सेमीनार में सूरत, भरूच, नवसारी, बिलीमोरा, वापी और वलसाड़ के उच्च माध्यमिक विद्यालय और महाविद्यालयों के लगभग 400 प्राध्यापकों ने भाग लिया। सार्वजनिक एजुकेशन सोसाइटी के अध्यक्ष श्री आर.जी. शाह सेमीनार के मुख्य अतिथि और वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय की कार्यकारी कुलपति डॉ. जागृति पटेल विशेष अतिथि थीं।

http://news.awgp.org/var/news/20/diya2.jpg" height="139" width="165">डॉ. चिन्मय के वक्तव्य के अंत में प्रश्रोत्तरी का लंबा क्रम चला। श्री सुधीरभाई पटेल के अनुसार शिक्षकगण गायत्री परिवार की शिक्षा योजना से खूब प्रभावित दिखे। कई लोगों ने अपने अंतस् के उद्गार व्यक्त करते हुए बच्चों के जीवन निर्माण और राष्ट्र निर्माण की ओर विशेष ध्यान देने का आश्वासन दिया।  सूरत के एक मुस्लिम उच्च माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक समूह ने डॉ. चिन्मय से ऐसी ही एक सेमीनार अपने विद्यालय में आयोजित करने का आग्रह किया।

ओजस्वी प्रज्ञागीतों और राष्ट्रगान के बीच का यह अत्यंत सफल आयोजन 'दियाÓ, सूरत की पूरी टीम द्वारा विभिन्न विद्यालयों-महाविद्यालयों में 45 दिनों तक चलाये गये संपर्क अभियान और नगर की सभी शक्तिपीठों-मोटी बहुचराजी, मोटा भागल, बालाजी रोड़, ताड़वाड़ी, ओलपाड़ के सक्रिय सहयोग से सम्पन्न हुआ।

वडोदरा (गुजरात)
दिया, वडोदरा ने नगर के औद्योगिक एवं शिक्षण संस्थानों में व्याख्यान माला आयोजित की।  इसके अंतर्गत तीन दिन में 12 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित हुए। शांतिकुंज प्रतिनिधि प्रो. प्रमोद भटनागर ने इन्हें संबोधित करते हुए हजारों लोगों को नया आध्यात्मिक चिंतन दिया, जीवन जीने की नयी दिशा दी।
ये व्याख्यान विचार शक्ति, आध्यात्मिकता के माध्यम से उत्कृष्टïता की प्राप्ति, सूर्य साधना, व्यक्तित्व विकास, युवा-पैरेण्ट्स आदि विषयों पर हुए। विभिन्न कार्यक्रमों में रिलाइंस इंडस्स्ट्रीज़ के अध्यक्ष श्री सुशील कुमार, वरिष्ठï उपाध्यक्ष श्री अशोक नोगारिया, गुजरात क्षार और रसायन लि. के महाप्रबंधक श्री दीपक घोड़ासर, महाप्रबंधक श्री ए.पी. राठौड़, महाप्रबंधक श्री सुरेन्द्र मेहता, मुस्लिम उच्च विद्यालय के मो. हजरत रफीक, लॉयनेस क्लब की प्रधान सुश्री रेशमा गुप्ता आदि कई जानी-मानी हस्तियों ने भी भाग लिया।
मुस्लिम उच्च विद्यालय में शांतिकुंज प्रतिनिधि ने जाति-धर्म से ऊँचा उठकर जीवन में उदारता और आदर्शों का विस्तार करते हुए मानव मात्र के कल्याण का पैगाम दिया, जो बहुत प्रभावशाली सिद्ध हुआ। होमियो मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं को व्यक्तित्व निर्माण के सूत्र समझाते हुए शांतिकुंज प्रतिनिधि ने दूसरों से अपनी तुलना कर हतोत्साहित होने की अपेक्षा आत्मसाधना से आत्म-क्षमताओं को पहचानने और उन्हें विकसित करने के बहुमूल्य सूत्र दिये। लॉयनेस क्लब द्वारा आयोजित कार्यक्रम में गायत्री महाशक्ति और सूर्य साधना की विस्तृत जानकारी दी गयी।


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