Published on 2016-07-30
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देव संस्कृति विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग द्वारा २९ जुलाई २०१६ को ‘पादपों द्वारा गंगा नदी का शुद्धीकरण’ विषय पर कार्यशाला आयोजित हुई। राजकीय महाविद्यालय से आये देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक प्रोफेसर बी.डी. जोशी ने मस्टर्ड प्लांट, सूरजमुखी आदि पादपों द्वारा कैडमियम, आर्सेनिक, मरकरी, क्रोमियम जैसे हानिकारक पदार्थों के प्रभाव को नष्ट करने की क्षमता की चर्चा की। उन्होंने कहा कि पादपों द्वारा विश्व की सभी नदियों का शुद्धिकरण किया जा सकता है।

डॉ. भवतोष शर्मा, वैज्ञानिक यूसर्क, देहरादून ने बताया कि गंगा के पारिस्थितिकीय तंत्र को बचाने के लिए पादपों की अहम भूमिका हो सकती है। इस क्षेत्र में शोधकार्य के लिए उन्होंने नयी पीढ़ी का आह्वान किया। आयोजक सचिव डॉ. सुधांशु कौशिक ने नयी पीढ़ी को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने संबंधी जानकारी दी।
देसंविवि के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने इसमें भाग लेते हुए देसंविवि और शांतिकुंज द्वारा गंगा स्वच्छता के लिए किये जा रहे कार्यों की जानकारी दी।श्री शरद पारधी, कुलपति देसंविवि, श्री संदीप कुमार, कुलसचिव देसंविवि ने भी कार्यशाला में भाग लिया।

कार्यशाला में देश भर से आये ६० वैज्ञानिक व शोधार्थियों ने भाग लिया। पर्यावरण विभाग के समन्वयक डॉ. पंकज सैनी ने कार्यशाला के आयोजन के लिए यूसर्क, देहरादून का धन्यवाद ज्ञापित किया। पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गयी।देसंविवि के आचार्य डॉः सुशील भदूला ने धन्यवाद ज्ञापन किया।


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