Published on 2016-07-17
img

उज्जैन (मध्य प्रदेश)
गायत्री शक्तिपीठ उज्जैन पर युवा क्रांति वर्ष के संदर्भ गोष्ठी हुई। इसमें उज्जैन, आगरा, शाजापुर, रतलाम और नीमच जिलों के ८५ वरिष्ठ परिजनों ने १७ बिंदुओं पर चर्चा की और भावी सक्रियता के संकल्प लिये। गोष्ठी में गुरुपूर्णिमा से श्रावणी पूर्णिमा तक ६५०० पौधे लगाने के संकल्प लिये गये। गणेशोत्सव पर इकोफ्रेंडली मूर्तियाँ उपलब्ध कराने के लिए शक्तिपीठों पर प्रशिक्षण शिविर भी लगाने, विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में व्यसन मुक्ति, कैरियर काउन्सिलिंग, वाद- विवाद तथा कविता पाठ के कार्यक्रम आयोजित करने, उपजोन में १५० बाल संस्कारशालायें चलाने तथा २०० युवा मण्डल बनाने के संकल्प भी लिये गये।

भोपाल से पधारे श्री अमर धाकड़ ने कहा कि ‘युवा’ और ‘क्रांति’ दोनों शब्द तेजस्विता के पर्याय हैं। रतलाम के श्री विवेक चौधरी, मंदसौर के श्री जितेन्द्र सिंह प्रज्ञेय तथा पं. पुरुषोत्तम दूबे ने परिजनों को समय के प्रवाह के साथ चलने की प्रेरणा दी।

अन्य संकल्प
• शक्तिपीठों पर ईको फ्रैण्डली गणेश प्रतिमाओं के निर्माण का प्रशिक्षण
• १५० बाल संस्कार शाला
• २०० युवा मण्डल
उज्जैन में १७ जुलाई को मालनवासा में और २४ जुलाई को हरिओम कॉलोनी में सामूहिक वृक्षारोपण किया गया। माालनवासा में पार्षद श्री सुनील बोरासी तथा गायत्री परिवार के वरिष्ठ प्रतिनिधि श्री पुरुषोत्तम दुबे, श्री बाबूलाल बढ़ोलिया ने स्थानीय लोगों के साथ पौधों का पूजन किया। हरिओम विहार कॉलोनी में गायत्री परिवार और कॉलोनी के प्रमुख श्री दयाल सेठ ने मिलकर दो बगीचों में वृक्षारोपण किया।


Write Your Comments Here:


img

11 जनवरी, देहरादून। उत्तराखंड ।

दिनांक 11 जनवरी 2020 की तारीख में देव संस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज हरिद्वार के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉक्टर चिन्मय पंड्या जी देहरादून स्थित ओएनजीसी ऑडिटोरियम में उत्तराखंड यंग लीडर्स कॉन्क्लेव 2020 कार्यक्रम में देहरादून पहुंचे जहां पर उन्होंने उत्तराखंड राज्य के विभिन्न.....

img

ज्ञानदीक्षा समारोह में लिथुआनिया सहित देश के 12 राज्यों के नवप्रवेशी विद्यार्थी हुए दीक्षित

देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ प्रणव पण्ड्या ने कहा कि जो आचरण से शिक्षा दें वही आचार्य है और ऐसे आचार्यगण ही विद्यार्थियों को चरित्रवान बना सकते हैं। डॉ. पण्ड्या ने कहा कि जिस तरह चाणक्य ने अपने ज्ञान व.....

img

ञानदीक्षा समारोह में लिथुआनिया सहित देश के 12 राज्यों के नवप्रवेशी विद्यार्थी हुए दीक्षित

देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ प्रणव पण्ड्या ने कहा कि जो आचरण से शिक्षा दें वही आचार्य है और ऐसे आचार्यगण ही विद्यार्थियों को चरित्रवान बना सकते हैं। डॉ. पण्ड्या ने कहा कि जिस तरह चाणक्य ने अपने ज्ञान व.....