नदी से लगभग 200 टन कचरा निकाला - नेपाल सरकार व गायत्री परिवार ने मिलकर किया साहसिक प्रयास
नेपाल की राजधानी काठमाण्डू में स्थापित विश्व विख्यात भगवान पशुपतिनाथ मंदिर एवं नेपाल की गंगा बाग्मति नदी में बृहद् स्तर पर गायत्री परिवार, नेपाल सरकार, पे्रक्षाध्यान, स्कूली विद्यालय सहित 54 एन जी की भागीदारी में स्वच्छता अभियान एवं जन जानगरण अभियान चलाया।
विलुप्त जैसी स्थिति में बह रही बाग्मति नदी को पुनर्जागृत कर स्वच्छ पवित्र बनाने के उद्देश्य से किये जा रहे इस अभियान के अंतर्गत बाग्मति नदी को गुहयेश्वरी से बैराज पार तक लगभग पांच किमी के क्षेत्र को चार भागों में बांटा गया। इसमें कार्य करते हुये गायत्री परिवार हरिद्वार, भारत देश् से आये विविध प्रांतों के परिजनों ने नदी से लगभग 200 टन कचरा निकाला। नदी की गोद से गंदगी निकालते समय स्वयंसेवकों का पहचानना कठिन था।

पशुपतिनाथ मंदिर प्रांगण में बने दीपकों एवं विभिन्न छोटे छोटे मंदिरों ने बहिनों ने तथा बाहरी भागों में भाईयों ने सफाई अभियान चलाया।

इस अभियान में ध्यान प्रेक्षागृह, श्री कृश्ण प्रणामी युवा परिषद, बैराज महिला समिति, सेवा समिति, पलिस्था मिसा पुचः सहित 54   एन जी तथा अपेक्स लाईफ स्कूल, देष तिलक हाई स्कूल सहित विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं के सैकड़ों लोगों ने भागीदारी की।

अभियान का आरंभ नेपाल के प्रधानमंत्री श्री खिलराज रेग्मि, शहरी विकास मंत्री, प्रधान मंत्री के मुख्य सचिव श्री लीलामणि पौडयाल, हरिद्वार दे सं वि वि के प्रतिकुलपति डाँ. चिन्मय पण्ड्या,अभियान के निदेशक श्री विष्णु मित्तल, श्री के पी दुबे, कलाकारों में राजेष, राजाराम पौडयाल, अभिनेत्री वसुंधरा, रेखा थापा सहित अन्य कलाकारों की उपस्थिति में अभियान की भव्य शुरूआत हुई।

अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रमुख डाॅ प्रणव पण्ड्या के प्रतिनिधी डाँ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि नेपाल के विकास के लिये यहा की नारी, नदी व संस्कृति के साथ हो रहे व्यवहार को सुधारना होगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान से लोगों में इनके प्रति श्रद्धा पैदा होगी। प्रधानमंत्री श्री खिलराज रेग्मि ने कहा कि गायत्री परिवार व भारत सरकार ने हमें बहुत सहयोग किया है हम उन्हें हृदय से साधुवाद देते हैं। उन्होंने इस अभियान की प्रषंसा करते हुये गायत्री परिवार शांन्तिकुन्ज हरिद्वार व नेपाल के गायत्री परिवार के रचनात्मक कार्यो की बहुत सराहना की। मुख्य सचिव श्री लीलामणि पौडियाल ने अभियान की पूरी रूपरेख एवं भविश्य की योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। शहरी विकास मंत्री श्री सुरेश आचार्य ने बताया कि बाग्मति नदी के दोनों तटों में सीवर लाईन बिछाई जायेगी। यह क्रम अगले दस वर्शों में पूरा कर लिया जायेगा जिससे बाग्मति में स्नान किया जा सकेगा।

नेपाल के मीडिया ने अभियान के तारीफ के पुल बांधते हुये कहा कि नेपाल की जनता को इससे सीख लेना चाहिये, वहीं कलाकारों ने गायत्री परिवार के इस अभियान को साहसिक अभियान बताया।

काठमाण्डू, 17 मई।
दोपहर में श्री के पी दुबे एवं श्री मित्तलजी की स्थानीय प्रशासन के साथ एक मीटिंग हुई। इसमें नेपाल के सभी छोटे बड़े 54 एन जी के प्रतिनिधि शामिल हुये। प्रशासन की ओर से कई वरिश्ठ अधिकारीगण़ उपस्थित रहे। सभी प्रतिनिधियों ने गायत्री परिवार नेपाल शाखा के नेतृत्व में बागमति सफाई अभियान में शामिल होने के साथ पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। पूरे नगर में इस अनूठे अभियान की प्रशसा की जा रही थी।

उसी दिन सायं बागमति सफाई अभियान के अंतर्गत बनाये गये सातों सेक्टर्स का सर्वे किया गया। इसके अनुसार किस किस सेक्टर में क्या क्या काम करना है इस पर विस्तारपूर्वक पेपर वर्क किया गया।

काठमाण्डू 18 मई।
शांन्तिकुन्ज दल गुह्येश्वरी माता के मंदिर गया जहाँ बृहद् स्तर पर सफाई अभियान किया गया। यह मंदिर काठमाण्डू में काफी लोकप्रिय है जहा लोग स्नान करने के उपरांत नित्य दर्शन करने आते हैं। इस मंदिर के गर्भगृह में पशुबलि पूजा भी होती है। दल ने सफाई अभियान के अंतर्गत ऐसा होते हुये देखा। इस मंदिर का सफाई का क्रम 19 मई को होना तय था किंतु दल के पास समय होने से इसे पूर्व निर्धारणानुसार से पहले 8:30 से लगभग 11:00 बजे तक पूर्ण कर मुख्य मंदिर का कायाकल्प कर दिया गया।

मंदिर के चारों ओर स्थायी रूप से लगे लगभग 200 दीपकों को सर्फ विम पावडर आदि के सहारे ब्रष से चमका दिया गया। इन चमकते दीपों ने मानों यह आशिष दिया कि हम लोग सालों से इतने बाती व तेल से इतने गंदे हो गये थे कि हमारा रिंग पीला से काला हो गया था। अब सफाई के बाद मूल रंग उभर कर अपने तेज से श्रद्धालुओं की भावनाओं को उभार सकेंगे। यहाँ उल्लेखनीय है कि मंदिर में जाने के बाद समिति से चर्चा कर सफाई का सामान खरीदा गया। सफाई अभियान में जुटने के बाद एक एक कर देवास, महाराजगंज, बनारस, लुंबिनी, नेपालगंज, बाराबंकी आदि स्थानों से आये करीब 100 परिजनों ने भी कमर कसकर दीपकों एवं मंदिर परिसर में पीतल के बड़े बड़े बारह सिंहों एवं पत्थर के बारह सिंहों को चमका कर उनका वास्तविक रूप सामने लाया गया। भाई लोगों के साथ हमारी बहिनें भी कंधे से कंधा मिलाकर कार्य में जुट गई थीं। लगभग साढ़े तीन घंटे की मेहनत के उपरांत मंदिर परिसर काफी स्वच्छ दिखने लग गया था। सफाई पूर्णता के उपरांत आने वाले हर भक्त को यह कौतूहल हो रहा था कि ये पीले कपड़े वाले सफाई कर्मी हैं या कोई देवदूत, पर हमारी लगन को देखकर उन्हें वे लोग देवदूत से ही लग रहे थे जिन्होंने निःस्वार्थ भाव से अपने कार्य को पूजा की सी निश्ठा से किया था। इस बीच मंदिर विकास समिति के पदाधिकारियों ने गायत्री परिवार, पं श्रीराम शर्मा आचार्य एवं गायत्री माता को कोटि कोटि नमन करते हुये खूब खूब साधुवाद दिया।

दोपहर के भोजन के उपरांत दल ने भगवान बुद्ध के स्वयंभू मंदिर का दर्शन किया। इसके पश्चात् अपरान्ह में दशरथ रंगषाला में सभी ने फुटबाल मैच देखा। यह मेच नेपाल सिने टीवी कलाकार संघ एवं विज्ञापन संघ के मध्य एक मैत्री मैच के रूप में खेला गया जिसमें सिनेमा टीवी अभिनेता- अभिनेत्री एवं मीडिया के लोग खिलाडी के रूप में खेले। इस मैच का उद्देश्य बागमति सफाई अभियान के प्रति लोगों को जागरूक करना एवं सबका ध्यानाकर्षण करना था। मैच की कमेंटरी कर रही अभिनेत्री दीपाश्री एवं वरिश्ठ पत्रकार ने कई बार गायत्री परिवार की प्रशंसा करते हुये भावभरा स्वागत किया। मैच समाप्त होने के उपरांत होटल में आदरणीय चिन्मय भैया के साथ एक मीटिंग हुई। इसमें भैया सभी शांन्तिकुन्ज प्रतिनिधियों का उत्साह देखकर गद्गद् दिखाई दिये। आपने आगे कहा कि नेपाल, शांन्तिकुन्ज के जैसा ही लग रहा है। उत्साहित नेपाल गायत्री परिजनों को इस कार्यक्रम का श्रेय दिया जाना चाहिये जिन्होंने पूज्यवर के विचारों को जनजन एवं प्रबुद्धों तक पहुचाने हेतु इस रचनात्मक कार्य को हाथ में लिया। उन्होंने भगवान पशुपतिनाथ, महाभारत की कथा के पाण्डवों की कथा के माध्यम से सभी में जोश भर दिया।

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