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कालीकट में दिनांक  28 से 30 दिसम्बर 2012 में होने वाले 108 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ के प्रयाज में गुरुपूर्णिमा से 24 लाख गायत्री महामंत्र जप अनुष्ठान आरंभ हो गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए चार माह में एक हजार स्थानों पर सामूहिक जप के कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। वहाँ 15 से 25 सितम्बर की तारीखों में 150 कार्यकत्र्ताओं का प्रशिक्षण शिविर भी प्रस्तावित है। मलयाली भाषी कार्यकत्र्ताओं की सतत बढ़ती मिशन निष्ठा को देखते हुए यह प्रशिक्षण बहुत आवश्यक और उपयोगी होगा।

स्थान -  कालीकट
तिथियाँ- 28 से 30 दिसंबर 2012

त्रिवेन्द्रम में गुरुपूर्णिमा पर्व पाँच कुण्डीय यज्ञ के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में हिंदी भाषी कार्यकत्र्ता से कहीं अधिक मलयाली भाषी परिजनों ने अपनी आस्था से प्रभावित किया। उनका सद्गुरु के प्रति समर्पण भाव देखते ही बनता था। प्राय: सभी ने 100 रुपये कीमत के गुरुपूर्णिमा ज्ञाननिधि सेट खरीदे व मिशन की पत्रिकाओं के सदस्य बने। श्री लजपति राजन ने रातभर जागकर सारे कार्यक्रम की तैयारी की, जबकि श्री सत्यदेव ने इसका कुशल संचालन किया।

कोयंबटूर के श्री उपेन्द्रनाथ सिंह ने अपने चाय गोदाम में पाँच कुण्डीय यज्ञ के साथ गुरुपूर्णिमा पर्व का सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें तमिल साहित्य खरीदने के साथ लोगों ने अखण्ड ज्योति पत्रिका की सदस्यता भी ग्रहण की। मुख्य यजमान श्री सुनील शाह ने सपत्नीक पूजन करते हुए नगर में चेतना केन्द्र निर्माण के लिए 21 लाख रुपयों का अनुदान दिया। उल्लेखनीय है कि चित्रा कंस्ट्रक्शन के प्रबंध निदेशक श्री शाह बचपन से ही अपने दादा जी के साथ यज्ञादि कार्यक्रमों में भाग लेते रहे हैं। कार्यक्रम का संचालन श्री कृष्णकुमार एवं श्री जयराम पाटिल ने किया।






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