विद्यार्थी जीवन के अनुभवों को बाँटने का सुनहरा मौका इंटर्नशिप : बी पुरुषोत्तम
देसंविवि के २१वाँ इंटर्नशिप का प्रशिक्षण प्रारंभ
देश के १३ राज्यों के ५८ जिलों में सेवाएँ देंगे ३९४ विद्यार्थी 


        देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के अनूठे इंटर्नशिप के लिए जाने वाले विद्यार्थियों का पाँच दिवसीय परिवीक्षा प्रशिक्षण का आज देसंविवि के प्रार्थना सभागार में प्रारंभ हुआ।
    प्रशिक्षण शिविर के उद्घाटन सत्र को सम्बोधित करते हुए देहरादून के जिलाधिकारी श्री बी पुरुषोत्तम ने कहा कि इंटर्नशिप प्रक्रिया विद्यार्थी जीवन में सीखे-पढ़े गये शिक्षा व विद्या के अनुभवों को बाँटने का सुनहरा मौका है। इससे विद्यार्थी एक सीढी ऊपर समाज में मार्गदर्शक की भूमिका में होते हैं। उन्होंने कहा कि सबसे पहले स्वयं बदलो, ज्ञानवान बनो, तभी समाज की दिशाधारा बदलने की इच्छाशक्ति पैदा होगी। जिलाधिकारी ने कहा कि लोगों की बुराइयों-कमियों का गहन अवलोकन करें, पश्चात उनके साथ रहकर धीरे-धीरे उस व्यक्ति की कमियों की ओर ध्यान दिलाते हुए उसे दूर करने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि किसी महान कार्य के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति व समर्पण हो, तो मंजिल अवश्य मिलेगी, चाहे अवरोध कितना ही क्यों न आये। 
    इससे पूर्व देसंविवि के कुलपति डॉ. सुखदेव शर्मा ने कहा कि किताबीय ज्ञान से ज्यादा जीवन के व्यावहारिक अनुभव काम आता है और यही जीवन को प्रगति दर प्रगति करने में सहायक है। उन्होंने कहा कि समाज से जो कुछ लिया है, उसे उसकी ही खेती में बो देने से कई गुना अधिक मिलता है। अपने जीवन के अनुभव बताते हुए प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि हिमालयन इंस्टीट्यूट से एमबीबीएस की पढ़ाई के बाद इंटर्नशिप के दौरान इमरजेंसी में ड्यूटी लगी, तो सबसे पहला कार्य मुझे रुद्रप्रयाग में भालू से लड़ने के दौरान घायल हुए एक युवा के पैर काटने को मिला। चार साल की पढ़ाई के बाद वह चार मिनट के उस कार्य ने मुझे एक चिकित्सक होने की अपार खुशी दी। कारण कि वह घायल युवक पहाड़ से एक सप्ताह के बाद अस्पताल पहुंचा था और हड्डी में काफी मवाद भर गया था। उन्होंने कहा कि इंटर्नशिप वह भट्ठी है, जिससे तपकर विद्यार्थी निखरता है और ऊँचे से ऊँचा स्तर तक पहुंचता है। इस अवसर पर जिलाधिकारी का युग साहित्य एवं देवसंस्कृति विवि का स्मृति चिह्न भेंटकर डॉ. पण्ड्या ने सम्मानित किया गया। 
    जनसम्पर्क व सेवायोजन के समन्वयक श्री महेन्द्र शर्मा ने बताया कि १५ से २६ जून के बीच पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, मप्र, उप्र, उत्तराखंड, झारखंड, छत्तीसगढ़ सहित तेरह राज्यों के ५८ जिलों के लिए ५३ टोलियाँ रवाना होंगी। एक टोली में चार से आठ विद्यार्थी हैं। इसमें योग, मनोविज्ञान, पत्रकारिता, पर्यटन, स्वउद्यमिता एवं ग्राम विकास, समग्र स्वास्थ्य प्रबंधन, बीएड, एनीमेशन, बीए, बीएससी आदि पाठ्यक्रम के ३९४ विद्यार्थी शामिल है। ये विद्यार्थी स्थानीय परिजनों के सहयोग से छोटे-छोटे गाँव से लेकर महानगरों में विविध कार्यक्रम सम्पन्न करायेंगे। उन्होंने बताया कि एक माह तक इंटर्नशिप करने के बाद ही उन्हें संबंधित उपाधि दी जायेगी। उन्होंने बताया कि देसंविवि इंटर्नशिप प्रक्रिया की शुरुआत २००३ से शुरु हुई थी और यह २१वाँ इंटर्नशिप है। 





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