गायत्री अश्वमेध महायज्ञ, मंगलगिरि का प्रखर प्रयाज

Published on 2017-08-08
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अश्वमेध यज्ञस्थल पर अखण्ड जप में तीन जिलों की भागीदारी 
गायत्री परिवार ट्रस्ट- मंगलगिरि के कार्यकर्त्ताओं ने चैत्र नवरात्र २०१७ से ही अश्वमेध यज्ञस्थल पर पर्णशाला (कार्यालय) बनाकर अखण्ड गायत्री मंत्र जप का कार्यक्रम चला रखा है। गुण्टूर, कृष्णा एवं प्रकाशम् जिलों की अलग- अलग शाखाओं ने वहाँ एक- एक दिन जप, यज्ञ, सत्संग, भोजन प्रसाद आदि की व्यवस्था कर रखी है। श्री बीपी प्रसाद राव के प्रयासों से यह सारी व्यवस्थाएँ सुचारू रूप से चल रही हैं, जो बिना चप्पल जूता पहने घर, दुकान छोड़ कर साधना एवं अश्वमेध यज्ञ के प्रचार अभियान को गति दे रहे हैं।

२० हजार नये घरों में देवस्थापना हुर्इं 
गायत्री अश्वमेध महायज्ञ मंगलगिरि का प्रचार अभियान तिरुपति, नेल्लूर, ओंगोल, गुण्टूर, विजयवाड़ा, ईस्ट गोदावरी, वेस्ट गोदावरी, श्रीकाकुलम, विजयनगरम, विशाखापत्तनम, अनन्तपुर, कर्नूल, खम्मम, सिरपुर कागजनगर, निजामाबाद, करीमनगर, सिकन्द्राबाद, हैदराबाद, आदिलाबाद आदि जिलों में बड़ी तेजी से चल रहा है। इन जिलों में अब तक २० हजार से ज्यादा नये घरों में देवस्थापनाएँ सम्पन्न हो चुकीं हैं। 

दो विशाल १०८ कुण्डीय महायज्ञ 
तेनाली गुण्टूर जिला (आन्ध्र प्रदेश) 
तेलुगु चौधरी समाज के मिशननिष्ठ परिजनों ने गुण्टूर एवं कृष्णा जिले के १०८ घरों में गायत्री यज्ञ कराया, घर- घर देवस्थापनाएँ करायीं। इस अभियान में २४ लाख गायत्री मन्त्र लेखन और २४ सौ गायत्री चालीसा पाठ कराया गया। अभियान की पूर्णाहुति १०८ कुण्डीय गायत्री महायज्ञ के साथ हुई। इसे सम्पन्न कराने के लिए शान्तिकुञ्ज से श्री उमेश कुमार शर्मा एवं श्रीमती प्रशान्ति शर्मा पहुँचे थे। 

तेनाली शाखा के डॉ. श्रीराम जी ने दो माह से सघन मंथन कर अश्वमेध प्रयाज कार्य को गति प्रदान की। बड़ी संख्या में युगशक्ति गायत्री (तेलुगु) पत्रिका के सदस्य बने और घर- घर साहित्य पहुँचा। 

चिराला, प्रकाशम् जिला (आन्ध्र प्रदेश) 

१७, १८, १९ जून २०१७ की तारीखों में चिराला में १०८ कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का विशाल आयोजन सम्पन्न हुआ। शांतिकुंज से इसे सम्पन्न कराने शांतिकुंज से वरिष्ठ कार्यकर्त्ताओं की टोली पहुँची थी। डॉ. बृजमोहन गौड़ ने अपने उद्बोधन में संस्कार परम्परा को प्रोत्साहित किया, परम पूज्य गुरुदेव जैसी महान अवतारी चेतना के दिव्य अभियान में सहयोगी होने का आह्वान किया। श्री काली चरण शर्मा ने गायत्री उपासना के माध्यम से जीवन का कायाकल्प करने का आह्वान किया। उनके वक्तव्यों का तेलुगु अनुवाद श्रीमती प्रशान्ति शर्मा ने किया। 

आन्ध प्रदेश एवं तेलंगाना राज्य के अलावा चेन्नई के चुने हुए सक्रिय कार्यकर्ताओं की गोष्ठी हुई, जिसमें श्री कालीचरण शर्मा ने पूर्वानुमानित अश्वमेध व्यवस्था पर प्रकाश डाला और डॉ. बृजमोहन गौड़ ने पूज्य गुरुदेव के विचार कणों से अनुप्राणित किया। 

चिराला का कार्यक्रम एक दृष्टि में 
२११६ कलशों सहित विशाल शोभायात्रा। ११११६ दीपकों की साक्षी में विराट दीपमहायज्ञ। ५० हजार का साहित्य बिक्री हुई ।। ११०० गायत्री मन्त्र दीक्षा। १६००० से ज्यादा लोगों की भागीदारी। 

मुनस्यारी, उत्तराखंड में विशिष्ट साधना शिविर 
२७ तेलुगु साधकों के लिए गायत्री चेतना केन्द्र मुनस्यारी में विशिष्ट साधना शिविर सम्पन्न हुआ। दक्षिण भारत से आये २७ साधकों ने इसमें भाग लेते हुए अलौकिक अकल्पनीय दिव्यता और नयी ऊर्जा अनुभव की। सभी ने मंगलगिरि, अमरावती आंध्र प्रदेश में होने जा रहे गायत्री अश्वमेध महायज्ञ की विशिष्ट जिम्मेदारियाँ निभाने के संकल्प लिये। उन्होंने ११ लाख रुपये निजी अनुदान देने, २४ लाख रुपये संग्रह करने और  घर- घर देव स्थापना अभियान को गति देने का संकल्प लिया। 

नयी शक्तिपीठ : गुण्टूर जिले के लाक्षीपुरम में गायत्री शक्तिपीठ का निर्माण हो रहा है। श्रीमती अनीता बहन अपने गाँव वालों का सहयोग लेकर शक्तिपीठ के निर्माण में प्रमुख भूमिका निभा रही हैं।

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