पर्यावरण असंतुलन पर वैज्ञानिकों द्वारा चिंता जनक स्थिति प्रदर्शित की गई

Published on 2017-08-29

Paryavaran Badauda 29/8/17:-वर्तमान का ग्राउंडलेवल Ozone ,अत्यंत तेज बारिश, भेज , कार्बन डाइऑक्साइड एवं मोनोक्साइड की वृद्धि, ग्रीन हाउस गैसेस एवं उससे उपजे क्लाइमेट चेंज से आउट डोर एवं इनडोर एयर क्वालिटी अत्यंत तेज गति से बिगड़ती जा रही है l पार्टिकुलेट मैटर की वृद्धि हो रही है l इसके चलते स्वास जन्य रोगों में बेतहाशा वृद्धि हो रही हैl साथ ही पाचन, ह्रदय ,खून संबंधित बीमारियां बढ़ रही हैl आउटडोर कि हवा तो हम सुधर नहीं सकते परंतु इंडोर हवा मे शुद्धि करना अत्यंत आवश्यक है lयह केवल और केवल कुदरती तरीके से हो सकती है l एयर फ्रेशनर एवं ऐसे अन्य उपाय घातक सिद्ध होंगे l ज्यादा वेंटिलेशन रखे जाएं ,गमले लगाए जाएं और उसमें ज्यादा से ज्यादा तुलसी के पौधे लगाए जाएं ,  घर में नमी को न पनपने दिया जाए ,स्वछता रखी जाए l  इसके साथ ही गायत्री यज्ञ द्वारा दरवाजे खुले रखते हुए औषधि युक्त हवन सामग्री के साथ आहुति देते हुए हवा को शुद्ध किया जा सकता है l बिगड़ती एयर क्वालिटी हम पर हावी हो जाए उससे पहले हम समय रहते उसको सुधार  ले यह अत्यंत आवश्यक है l