Published on 2017-09-04
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युवा जागरण से राष्ट्र जागरण संभव : डॉ. पण्ड्याजी सेवाभावी हो युवा : श्री कालीचरण शर्मा 
हरिद्वार ४ सितंबर। 
गायत्री तीर्थ शांतिकुंज द्वारा घोषित युवाक्रांति वर्ष के उत्तरार्द्ध में देश भर में युवा क्रांति रथ- युवा भारत यात्रा निकाली जायेगी। चयनित कार्यकर्त्ताओं का चार दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर शांतिकुंज के रामकृष्ण हॉल में समापन हो गया। 
अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्याजी व संस्था की अधिष्ठात्री शैलदीदजी से प्रतिभागियों ने भेंट परामर्श कर मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस अवसर पर प्रमुखद्वय ने युवाओं के जागरण के विविध सूत्र बताये। कहा कि युवाओं के जागरण से ही राष्ट्र का नवजागरण संभव है। युवाओं को दृढ़ निश्चयी, शीलवान व सेवाभावी होना चाहिए। वे केवल अपने लिए ही नहीं, वरन् समाज के विकास में भी अपनी प्रतिभा निःस्वार्थ भाव से लगायें। उन्होंने अपने तीन दशक से अधिक के परिव्रज्या का अनुभवों को साझा किया। 
शिविर के समापन अवसर पर वरिष्ठ कार्यकर्त्ता श्री कालीचरण शर्मा ने कहा कि समझदार व चरित्रवान युवा ही अन्यों को प्रेरणा व दिशा दे सकते हैं। युवा इन्द्रियों पर नियंत्रण करने वाला हों, ज्ञानियों जैसा विचार व ज्ञानी हों एवं लोकहित में जीने वाला हों। समाज में ऐसे युवाओं की जरूरत है। श्री शर्मा ने स्वामी विवेकानंद, महर्षि अरविन्द आदि की चर्चा करते हुए आजादी के दीवानों महात्मा गाँधी, रानी लक्ष्मीबाई जैसे वीर युवाओं से प्रेरणा लेने की बात कही। उन्होंने परिव्रज्या के दौरान संभावित कार्यक्रमों की रूपरेखा की विस्तृत जानकारी दी। 
इससे पूर्व युवाप्रकोष्ठ के केन्द्रीय समन्वयक श्री केपी दुबे ने कहा कि रथ यात्रा के माध्यम से देशभर के महाविद्यालयों के युवाओं को जीवन जीने की कला एवं संकीर्णता से उबरने के सूत्र चलचित्रों एवं सेमीनारों के माध्यम से समझाये जायेंगे। श्री भूपेन्द्र शर्मा ने वीडियो ज्ञान रथ की परिकल्पना एवं उद्देश्यों की जानकारी दी और यात्रा के दौरान बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों पर प्रकाश डाला। शिविर समन्वयक श्री गंगाधर चौधरी के अनुसार युवा क्रांति रथ यात्रा के लिए चार एलईडी युक्त रथ तैयार किया गया है। ये रथ युवाओं के जन जागरण के लिए देशभर में भ्रमण करेंगे। श्री चौधरी ने बताया कि द्वारिका- गुजरात, गोवाहाटी- असम, कटरा- जम्मू व कन्याकुमारी से अलग- अलग रथ निकलेंगे। इन चारों रथों का महासंगम २६ से २८ जनवरी २०१८ को नागपुर में होने वाले नवसृजन- नव संकल्प समारोह में होगा। उन्होंने बताया कि शिविर में कुल सत्रह सत्र हुए, जिसमें श्री अशरण शरण श्रीवास्तव, श्यामबिहारी दुबे, नमोनारायण पाण्डेय आदि ने सत्र को संबोधित किया। 


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