Published on 2017-09-10
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नारी स्वावलम्बन के लिए लोकप्रिय होता जा रहा नाम चेतना ग्राम संस्थानअब तक लगाये गये ४५ शिविर, सैकड़ों महिलाओं को दिया प्रशिक्षण 
जयपुर। राजस्थानगायत्री परिवार द्वारा पिछले दो वर्षों से संचालित 'चेतना ग्राम संस्थान' जयपुर की गरीब महिलाओं के लिए आस्था और विश्वास का पर्याय बनता जा रहा है। इस संस्थान ने अब तक नगर और आसपास के ४५ स्थानों पर स्वावलम्बन शिविर लगाकर सैकड़ों महिलाओं को रोजगार दिलाया है। यह संस्थान महिलाओं को रोजगार दिलाने के साथ उनके बच्चों को शिक्षा व संस्कार देकर उन्हें रोजगार दिलाने के लिए भी भरपूर प्रयास कर रहा है। 
सक्रिय हैं १३ स्वयं सहायता समूह चेतना ग्राम संस्थान ने प्रशिक्षित बहिनों को लेकर जयपुर में आपणी बाहेली, ममता, आनन्दी, लक्ष्य, प्रगति, संकल्प, सहचरी, उषा आदि १३ स्वयं सहायता समूहों का निर्माण किया है। इनके माध्यम से स्वादिष्ट खाद्य पदार्थ, आकर्षक क्राफ्ट, हवन के किट जैसे उत्पाद तैयार किये जा  रहैं। अनेक बहिनें आसान कीमत पर सिलाई का कामकाज कर रही हैं। 
लाभार्थी परिवार के बच्चों को भी दे रहे हैं शिक्षा और रोजगार चेतना ग्राम संस्थान से जुड़ी बहिनों के बच्चों के लिए जनता कॉलोनी में कम्प्यूटर की नि:शुल्क कक्षाएँ चलाई जा रही हैं। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना से जोड़कर संस्थान ने युवाओं के लिए रोजगार का बेहतर विकल्प तैयार किया है। वर्तमान में १२० विद्यार्थी इस योजना का लाभ ले रहे हैं। 
रचनात्मक कार्यों से भी जोड़ा जा रहा है बहिनों को इसके साथ ही सभी बहिनों को परम पूज्य गुरुदेव के विचारों से जोड़कर स्वाध्याय, मंत्रलेखन, वृक्षारोपण जैसे साधनात्मक और रचनात्मक कार्यों में भी लगाया जा रहा है, जिसे वे बड़ी श्रद्धा और शौक के साथ करती हैं। उत्साहवर्धक बात है कि इस प्रकल्प से समाज के हर वर्ग की बहिनें लाभान्वित हो रही हैं और हर वर्ग तक युग चेतना का विस्तार हो रहा है। 


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