Published on 2017-10-11
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राष्ट्रीय विवि योग प्रतियोगिता में देसंविवि ने प्राप्त किया सर्वोच्च स्थान

हरिद्वार ११ अक्टूबर।


योग के क्षेत्र में अन्तरराष्ट्रीय उपलब्धि प्राप्त देवसंस्कृति विश्वविद्यालय की योग टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर न सिर्फ देवसंस्कृति विश्वविद्यालय का नाम नाम रोशन किया, बल्कि पूरे उत्तराखण्ड का मान बढ़ाया। ओड़िशा की राजधानी भुवनेश्वर में पिछले दिनों राष्ट्रीय विश्वविद्यालयीन योग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था, जिसमें दिल्ली विवि, कुरूक्षेत्र विवि, पतंजलि विवि, गुरूकुल कागड़ी विवि आदि देश के १०० से अधिक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय ने प्रतिभाग किया।

प्रतियोगिता से लौटकर विद्यार्थियों ने देसंविवि के कुलाधिपति डॉ प्रणव पण्ड्याजी एवं संरक्षिका शैलबाला पण्ड्या जी का आशीर्वाद लिया। डॉ. पण्ड्या जी एवं शैल दीदी ने सभी विद्यार्थीयों को प्रोत्साहन, मार्गदर्शन एवं शुभकामनाएँ देते हुए आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा दी। प्रतियोगिता से लौटने पर प्रतिकुलपति डॉ चिन्मय पण्ड्याजी ने प्रतिभागी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि देसंविवि नित नये इतिहास गढ़ रहा है, यह विवि के लिए गौरव की बात है। डॉ. चिन्मयजी ने इस जीत के लिए देसंविवि प्रशासन एवं शिक्षकगण के कठिन परिश्रम का परिणाम बताते हुए उन्हें भी बधाई दी। देसंविवि के योग विभाग के अध्यक्ष प्रो. सुरेश वर्णवाल व समस्त देसंविवि परिवार ने प्रतिभागी विद्यार्थियों का गर्मजोशी से स्वागत किया।

इसमें देसंविवि से रूपेश, सुरेन्द्र, राजेश, ज्ञानेश्वर, देवेन्द्र, नीतेश, जय प्रकाश, अमृता, शोभा, दीपशिखा, श्वेता, अल्का, हेमलता, पूजा ने योग टीम में प्रतिभाग किया। व्यक्तिगत प्रतियोगिता में देसंविवि के रूपेश कुमार ने स्वर्ण पदक हासिल कर सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया तो एम.ए संस्कृत की छात्रा अमृता ने रजत पदक प्राप्त किया। गु्रप प्रतियोगिता में बालिका वर्ग ने तृतीय स्थान प्राप्त किया तथा बालक वर्ग ने चतुर्थ स्थान पर अपनी दावेदारी प्रस्तुत की। देसंविवि की योग टीम के डॉ. राकेश वर्मा एवं सुश्री अनिता ने बताया कि योग प्रतियोगिता में देसंविवि के विद्यार्थियों द्वारा कठिनतम आसनों को आसानी से करते देखकर सभी प्रतिष्ठित विवि एवं दर्शक प्रभावित हुए।


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