Published on 2017-10-23
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आदरणीय डॉ. प्रणव पण्ड्या जी ने युवाशक्ति की प्रखर युगनिर्माणी आस्था के प्रतीक इस अद्भुत केन्द्र का उद्घाटन किया

बैंगलोर। कर्नाटक
आश्विन शुक्ल एकादशी, संवत् २०७४ (१ अक्टूबर २०१७) के दिन आदरणीय डॉ. प्रणव पण्ड्या जी ने गायत्री चेतना केन्द्र, चिक्का बेगुर रोड कुडलु गेट का उद्घाटन करते हुए इसे भारत ही नहीं, पूरे विश्व में सबसे अद्भुत, अद्वितीय केन्द्र बताया। उन्होंने कहा कि यह आईटी क्षेत्र में उच्च पदों पर आसीन युगनिर्माणी युवाओं की वैज्ञानिक सोच पर आधारित केन्द्र है। लगभग २०० कार्यकर्त्ताओं ने मेरे आह्वान पर सबसे पहले अपना एक- एक माह का वेतन इस केन्द्र के लिए निकाला और बड़े मनोयोग के साथ तय समय सीमा के भीतर इसे बनाकर दिया। उन सबके लिए गुरुसत्ता की ओर से हमारा खूब- खूब आशीर्वाद है। उल्लेखनीय है कि २० मार्च २०१६ को भूमिपूजन करते हुए आदरणीय डॉ. साहब ने यह आह्वान किया था।

गायत्री चेतना केन्द्र के उद्घाटन एवं गायत्री माता की प्राण प्रतिष्ठा के समय माननीय श्री अनंथ कुमार, संसदीय कार्य मंत्री, भारत सरकार, स्थानीय विधायक श्री सतीश रेड्डी एवं मेजर जनरल नरपत सिंह राजपुरोहित मुख्य अतिथि के रूप में पधारे। आदरणीय डॉ. साहब ने उन सभी का भावभरा स्वागत- सम्मान किया।

कार्यक्रम का शुभारम्भ गायत्री प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा के साथ हुआ। सभी अतिथियों ने दक्षिण जोन प्रभारी शांतिकुंज प्रतिनिधि डॉ. बृजमोहन गौड़ के साथ केन्द्र की हर स्थापना को बड़े ध्यान से देखा और सराहा।

मंचीय कार्यक्रम में श्री हरिशंकर राजपुरोहित एवं श्री कर्दम भाई पटेल ने अतिथियों का स्वागत किया। आदरणीय डॉ. साहब ने उपस्थित लगभग २००० श्रद्धालुओं को चेतना केन्द्र की विशेषता और आवश्यकता से अवगत कराते हुए कहा कि इस केन्द्र की हर स्थापना शिक्षाप्रद है, जीवन जीने की कला सिखाती है। इस अवसर पर दक्षिण जोन प्रभारी श्री सुब्बाराव, तिरुपुर से आये श्री के.के. दुबे की भी गौरवमयी उपस्थिति रही। शांतिकुंज प्रतिनिधि श्री उत्तम गायकवाड़, संग्राम सिंह राजपुरोहित एवं बैंगलोर के मनसुख पटेल, पुरुषोत्तम पटेल, राजीव नाडिग, राजेश सिंह, सोनाली सिंह, आश्विन कतरे, पुणे के नेतराम तथा अनीता सेन सहित २०० समर्पित युवाओं का विभिन्न व्यवस्थाओं में उल्लेखनीय योगदान रहा।

हमारा काम मन- बुद्धि की सफाई करना है
• आदरणीय डॉ. प्रणव पण्ड्या जी
आज लोगों का चिंतन, चरित्र, व्यवहार दूषित है, उसी से तनाव, आतंक, अराजकता, अशांति की सारी समस्याएँ उपजी हैं। गायत्री सद्बुद्धिदात्री है, साधक को सन्मार्ग की ओर प्रेरित करती है। हमारा काम मंदिर बनाकर पैसे इकट्ठे करना नहीं, बल्कि लोगों के मन- बुद्धि की सफाई करना है।

स्प्रिचुअल टेक्नोलॉजी के बिना बाकी टेक्नोलॉजी रावण के शस्त्र के समान हैं
• माननीय श्री अनंथ कुमार, मंत्री भारत सरकार

मैं बचपन से गायत्री उपासना करता हूँ। इससे मैं तनावमुक्त रहता हूँ। विश्व में विकास के लिए इन्फोर्मेशन टेक्नोलॉजी, न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी, बायो टेक्नोलॉजी, नैनो टेक्नोलॉजी जैसी अनेक टेक्नोलॉजी विकसित हुई हैं, लेकिन स्प्रिचुअल टेक्नोलॉजी, जो गायत्री परिवार दे रहा है, के बिना ये सभी रावण के शस्त्र के समान है। यही कारण है कि आज विश्व में विनाश की होड़ लगी है।

संसद और विधानसभाओं के सत्र आमतौर पर शोक प्रस्तावों के साथ आरंभ होते हैं। लेकिन भूतपूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी चाहते थे कि इन्हें गायत्री मंत्र के साथ आरंभ होना चाहिए। जिस दिन ऐसा होगा, वह एक ऐतिहासिक दिन होगा, क्योंकि गायत्री मंत्र भारत को जगद्गुरु बनाने वाला मंत्र है।

गायत्री मंत्र हमें ऊर्जा देता है• मेजर जनरल नरपत सिंह राजपुरोहित
मैं ३२ वर्षों से देश की सेवा कर रहा हूँ। देश के हर क्षेत्र में अपने जवानों के साथ खड़ा रहता हूँ। मैंने अनुभव किया है कि गायत्री मंत्र जप करते हुए जब भी ड्यूटी पर खड़ा रहा हूँ, तब २ घंटे की ड्यूटी २ मिनट जैसी हल्की- फुल्की लगती है।

गायत्री चेतना केन्द्र बेंगलोर

गायत्री चेतना केन्द्र बेंगलोर विशाल चार मंजिला भवन है। यहाँ आधुनिक विज्ञान और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम दिखाई देता है। गायत्री मंदिर, यज्ञशाला, अखण्ड दीप, ध्यान कक्ष, 'भटका हुआ देवता' का मंदिर, देवात्मा हिमालय मंदिर, सप्तऋषियों की प्रतिमाएँ आदि स्थापित हैं। ये सभी वैज्ञनिक ढंग से निर्मित और संचालित हैं। पूरा परिसर ओटोमेटेड है जो एक मोबाइल एप द्वारा संचालित किया जा सकता है। दर्शक इन्हें देखते हुए इनका महत्त्व एवं प्रेरणाएँ स्वत: समझ सकते हैं। भोजनालय, आवास, प्रशिक्षण, यज्ञ, संस्कार आदि की विशाल व्यवस्थाएँ हैं। परम पूज्य गुरुदेव का साहित्य केन्द्र यहाँ की विशेषता है।

भावी कार्यक्रम
भारतीय संस्कृति का प्रचार- विस्तारजप, ध्यान, यज्ञ, संस्कार, स्वाध्याय, साधना केन्द्र,पर्यावरण, स्वच्छता, व्यसन, कुरीतियाँ जैसी सामयिक समस्याओं के समाधान के लिए जागरुकताध्यान, योग, संस्कार, कर्मकाण्ड का प्रशिक्षणआर्थिक रुप से कमजोर बच्चों को नि:शुल्क कोचिंगविशिष्ट गणमान्यों के प्रशिक्षण की व्यवस्थादेव संस्कृति विश्वविधालय का दूरस्थ शिक्षा केन्द्र

उल्लेखनीय प्रसंग
माननीय श्री अनंथ कुमार एवं स्थानीय विधायक श्री सतिश रेडडी गायत्री चेतना केन्द्र की स्थापना और युवा शक्ति की सक्रियता से बहुत प्रभावित हुए। श्री अनंत कुमार ने मंच से कहा कि हम यहाँ मंत्री की हैसियत से नहीं, गायत्री परिवार के सदस्य के रुप में उपस्थित हैं। यहाँ के युवाओं की भाँति हम भी अपना एक माह का वेतन इस केन्द्र में भागीदारी के रुप में दे रहे हैं।

अभी श्री अनंथ कुमार अपना उद्बोघन दे ही रहे थे कि श्री सतिश रेडडीने अपना चेक काटकर आदरणीय डा प्रणव पंड्या जी को भेंट कर दिया। उन्होंने गायत्री परिवार को हर प्रकार का सहयोग देने का आश्वासन दिया।

गायत्री महाविज्ञान (कन्नड)
परम पूज्य गुरुदेव द्वारा रचित गायत्री महाविज्ञान अब कन्नड़ भाषा में प्रकाशित हो गया है, जिसका विमोचन इस कार्यक्रम में मंचासीन अतिथियों ने किया। गायत्री महाविज्ञान का कन्नड़ अनुवाद उषा एवं राजीव नाडिग ने किया है।


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