Published on 2017-11-05

सद्भावों के दीप जलाये,जनमन में खुशियों के फूल खिलाये

मुम्बई। महाराष्ट्र:
सतयुगी सृजन चेतना विस्तार के लिए निराले प्रयोग कर एक से एक प्रभावशाली अभियान चलाने वाले 'दिया' मुम्बई के युवक- युवतियों का इस वर्ष दीपावली पर्व मनाने का अंदाज भी निराला था। इस पर्व की विषयवस्तु थी 'आत्मीयता का विस्तार'। श्री जतीन दवे के अनुसार रूप चतुर्दशी और गुजराती नववर्ष- गोवर्धन पूजा के दिन उनकी टीम ने इस दिशा में विशिष्ट प्रयोग किये। दिया, मुम्बई के सदस्यों का मानना है कि उनके नायक आदरणीय डॉ. प्रणव पण्ड्या जी, जिनका जन्मदिन है रूप चतुर्दशी, के जिस प्रेम और आत्मीयता के बंधन से वे बँधे हैं, उसका विस्तार जनसामान्य के बीच कर उनके चेहरों पर मुस्कान बिखेरी जा सकती है। अत: दिया, मुम्बई ने दीपावली के पावन पर्व पर जनमन में सद्भावों के दीप जलाने और खुशियों के फूल खिलाने का निर्णय लिया।

रूप चतुर्दशी के दिन सुश्री शुचिता शेट्टी के नेतृत्व में गुरु नानक इंस्टीट्यूट आॅफ मैनेजमेण्ट स्टडीज़ के युवक- युवतियों का दल आत्मीयता विस्तार करने निकला। वे माटुंगा रेलवे स्टेशन और और आसपास के क्षेत्रों में गये।

इनमें बाँटी खुशियाँ

रेलवे कर्मचारी, लोकल ट्रेनों के मोटरमेन, कुली, विके्रता, सफाई कर्मचारी, बूट पॉलिश करने वाले, स्टेशन के बाहर समाचार पत्र विक्रेता, आसपास के चायवाले आदि।

ऐसे बाँटी खुशियाँ

उन्हें तिलक लगाया, रक्षासूत्र बाँधे, परम पूज्य गुरुदेव की लिखी पुस्तकें दी और जहाँ भी समूह में कुछ लोग मिले वहाँ गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र बोलते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य, स्वस्थ्य जीवन की कामना की।

कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा के दिन मोतीराम प्राइड रेसिडेंशल सोसायटी के युवक दिया के सदस्य प्रीती पाटिल, रिबेक्का, वर्षा शेट्टी, अश्लिन, विवेक पाटिल, राजेश आदि की टीम के साथ थे। दोनों दिन जनसंपर्क और आत्मीयता विस्तार का अभियान पूरे दिन चला। ऊपर की भाँति ही सामान्य से सामान्य व्यक्ति से संपर्क कर उनके चेहरे पर आत्मिक उल्लासभरी मुस्कान लाने के प्रयास हुए।

अंबरनाथ में हुए विशेष प्रयोग

दिया की टीम अंबरनाथ के फायर ब्रिगेड स्टेशन पहुँची। वहाँ के पाँच अधिकारियों को तिलक लगाया, कलावा बाँधा, प्रार्थना की। यह आत्मीयता पाकर वे अत्यंत भाव विभोर दिखाई दिये। उन्होंने भी दिया की टीम का स्वागत पारिवारिक परंपराओं से ही किया।

अंबरनाथ के पुलिस स्टेशन प्रभारी श्री वाघ से मिले। उन्हें अपना उद्देश्य बताया, गायत्री परिवार एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय की संक्षिप्त जानकारी दी। वे इतने अभिभूत हो गये कि कैम्पस में रहने वाले सभी पुलिस कर्मियों और उनके परिवारी जनों को इकट्ठा कर लिया। गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र के साथ उन सबके स्वास्थ्य एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रार्थना की गयी। गुरुदेव का साहित्य दिया गया। गर्भवती बहनों की उत्तम संतति के लिए विशेष प्रार्थना की गयी।

पुलिस अधिकारी श्री वाघ ने कहा : दीवाली के अवसर पर दिया के सदस्यों का हमारे बीच होना हमारे लिए विशेष सौभाग्य की बात है। दिया की अन्य योजनाओं में भी हमारी उत्सुकता है।

इस अभियान में अनेक नये सदस्य थे। वे सब भी लोगों की आत्मीयता पाकर अभिभूत थे। जिससे भी मिले, हर कोई अपनी- अपनी तरह से स्वागत में पलक पाँवड़ बिछाता नज़र आया।


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