Published on 2017-11-06
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मातृशक्ति श्रद्धांजलि महापुरश्चरण का गाँव- गाँव, घर- घर विस्तार, ५०० साधक बनाये

नालंदा। बिहार
गायत्री शक्तिपीठ सोहसराय बिहार शरीफ नालंदा में मनाये गये नवरात्र पर्व महोत्सव में मातृशक्ति श्रद्धांजलि महापुरश्चरण से जन- जन को जोड़ने के संकल्प लिये गये। गाँव- गाँव संपर्क कर इस महानुष्ठान की जानकारी आस्था संपन्न लोगों तक पहुँचायी गयी।

नवरात्र पर्व समारोह का शुभारंभ पहले दिन विशाल शोभायात्रा के साथ हुआ, जिसमें सैकड़ों बहनें शामिल हुर्इं। अगले दिन १५१ नये साधकों के साथ ५०० साधकों ने मातृशक्ति श्रद्धांजलि महापुरश्चरण में भागीदारी के संकल्प लिये। दैनिक संदेश में साधकों से निवेदन किया गया कि हमारी साधना इतनी प्रखर हो कि उसकी ऊर्जा से सन् २०२६ सतयुग का सूर्योदय स्पष्ट दिखाई देने लगे। सुमन, सुमित्रा, कमला, गीता, शिवम, चितरंजन, गोपाल सहित शक्तिपीठ संचालन समिति ने साधकों में सत्प्रेरणाओं का संचार करने में अहम भूमिका निभाई।

हर वर्ष बढ़ रही है लोकप्रियता
प्रतिदिन ४०० थालियाँ सजाकर उतारी आरती

जोबट, अलीराजपुर। मध्य प्रदेश

गायत्री शक्तिपीठ जोबट पर मनाये गये नवरात्र पर्व समारोह में युगशक्ति के निरंतर बढ़ते प्रभाव की दिव्य झाँकी देखी गयी। श्रद्धालु- साधकों की निरंतर बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए नौ कुण्डीय यज्ञशाला के अतिरिक्त ६ कुण्ड बनाने पड़े। प्रतिदिन सायंकाल दीपयज्ञ में ४०० से अधिक युगसाधक अपनी- अपनी थालियाँ सजाकर युगदेवता की आरती उतारते देखना मन को श्रद्धा से सराबोर कर देता था।

प्रतिदिन दीक्षा, पुुंसवन, मुण्डन आदि संस्कार होते थे। राजेन्द्र कुमार सोनी वानप्रस्थी, माँगीलाल डाबर, शिवराम वर्मा, आशीष सोनी, मधु शर्मा, मंजुबाला श्रीवास्तव, मनोरमा वाणी, सरोज टवली, सारिका सक्सेना, पुष्पा राठौड़, उषा उपाध्याय ने अलग- अलग दिन कर्मकाण्ड कराया। बालक- बालिकाओं को मंत्र लेखन, जप, बड़ों का अभिवादन करने, स्वच्छता का ध्यान रखने जैसे संकल्प दिलाये गये।

देवास। मध्य प्रदेश :
देवास में बड़ी संख्या में युग साधकों ने नवरात्र साधना अनुष्ठान किये। शक्तिपीठ पर सामूहिक पूर्णाहुति का कार्यक्रम ५ कुण्डीय यज्ञ और सामूहिक कन्या भोज के साथ सम्पन्न हुआ। श्री शिवानन्द गिरि की टोली ने कार्यक्रम संचालन करते हुए उपार्जित शक्ति को लोकमंगल के कार्यों में नियोजित करने की प्रेरणा दी।

खरगोन। मध्य प्रदेश :
गायत्री शक्तिपीठ खरगोन पर ९ कुण्डीय गायत्री यज्ञ के साथ युग साधकों ने अपने नवरात्र साधना अनुष्ठान की पूर्णाहुति की। सैकड़ों लोगों ने इसमें भाग लिया। परिव्राजक श्री रमेश पटीदार ने यज्ञ संचालन करते हुए जीवन को यज्ञमय बनाने के सूत्र बताये। अनेक संस्कार हुए।


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