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योसेमाइट राष्ट्रीय उद्यान, कैलीफोर्निया में 17 से 21 जुलाई की तारीखों में युवा साधना शिविर आयोजित हुआ। अमेरिका और कनाडा के 36 युवा साधक एवं सक्रिय कार्यकत्र्ताओं को इस दिव्य साधनात्मक प्रधान शिविर में शामिल किया गया था। 1200 वर्ग मील में फैली गहरी घाटियाँ, मनोरम झरने, प्राचीन विराट सिकोया और बड़े-बड़े घास के मैदान वाले इस उद्यान का आकर्षण ही निराला था। यहाँ शहरी जीवन से दूर प्रकृति की गोद में साधना का यह बड़ा शांत और मनोरम अवसर साधकों को मिला।

17 जुलाई की शाम तक सभी शिविर स्थल पर पहुँच गये। आदरणीय डॉ. प्रणव जी ने 18 जुलाई की प्रात: मुख्य हॉल-फोर सीजंस केबिन में सभी को आत्मबोध साधना, सूर्य की ध्यान साधना, अखण्ड दीप दर्शन, सूर्याघ्र्यदान, सूर्यवेधन प्राणायाम, शिथलीकरण आदि कराये। उसके बाद योगासन किये गये।

 'आत्म परिष्कारÓ विषय पर पूज्य गुरुदेव की अमृतवाणी ने मन को जीवन साधना के लिए तरंगित किया। आदरणीय डॉ. प्रणव पण्ड्या जी ने अंग्रेजी में उसका अनुवाद बताते हुए पूज्य गुरुदेव के मनोभावों को सरल और बोधगम्य बना दिया। उसके बाद की गयी सामूहिक त्राटक और सोऽहम साधना की जो दिव्य अनुभूतियाँ हुईं, वह कल्पनातीत थी।


युवा साधना शिविर से बदले हुए मनोभाव ने शिविरार्थियों को एक अलग दृष्टि प्रदान की। दोपहर को समीप के ऊँचे ग्लेशियर पॉइंट ने हिमालय की दिव्यता और पूज्य गुरुदेव की साधना की स्मृतियाँ ताजा कर दीं। ग्लेशियर पॉइंट के पास ही के एम्फी थियेटर में बैठकर शांतिकुंज प्रतिनिधियों के साथ प्रश्नोत्तरी का क्रम चला। वहीं मानव जीवन की महत्ता पर पूज्य गुरुदेव की अमृतवाणी सुनी गयी। आदरणीय डॉ. साहब ने सामयिक परिप्रेक्ष्य और उदाहरणों के साथ उसकी व्याख्या करते हुए युवा सेनानियों को भावी सक्रियता की दिशाधारा प्रदान की।  सायंकाल दर्पण साधना, नादयोग एवं तत्वबोध की साधनाएँ करायी गयीं।

अगले दिन यही दिनचर्या दोहराई गयी। उस दिन दोपहर का क्रम योसेमाइट के प्रमुख झरनों में से एक ब्रिदालवेल झरने के समीप चला। 20 जुलाई को मर्सेड नदी के रेतीले सेंटिनेल तट पर समागम हुआ, जहाँ खिली धूप, निर्मल जल और अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य का लाभ साधकों ने लिया।
आदरणीय डॉ. साहब ने 20 जुलाई की सायं दिये विदाई संदेश में सभी साधकों को दोनों देश में युवाशक्ति का नेतृत्व करते हुए आध्यात्मिक क्रांति का नया अध्याय लिखने की प्रेरणा प्रदान की। हर युवक को अपने क्षेत्र में ऐसे ही 5 एक दिवसीय युवा चेतना शिविर आयोजित करने के लिए प्रेरित किया गया।

एक अत्यंत उत्साहवर्धक, सृजनात्मक सोच और सकारात्मक ऊर्जा वर्धक साधना शिविर का शानदार समापन हुआ। इसके आयोजन में पराग महाले, नृपाली पटेल, मनीष पटेल, चैतन्य हजारे, निशा हजारे आदि का उत्कृष्ट योगदान रहा।


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