Published on 2017-11-10
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दिया की गतिविधि एवं विचारों से हजारों बच्चे हो रहे हैं प्रभावित

दुर्ग। छत्तीसगढ़ :
जिला शिक्षा अधिकारी श्री आशुतोष चावरे के निर्देश और सहयोग से 'दिया' छत्तीसगढ़ ने दुर्ग जिला के १६९ स्कूल में डिवाइन वर्कशॉप की शृंखला चला रखी है। इनके माध्यम से हर सप्ताह हजारों बच्चों को मनुष्य जीवन की गरिमा तथा यौवन के गौरव का बोध कराया जाता है और अपने व्यक्तित्व को ऊँचा उठाने के सूत्र बताये जाते हैं।

दिनांक १० अक्टूबर को शासकीय उ.मा. विद्यालय, जेवरा सिरसा भिलाई में एवं ११ अक्टूबर को शा.उ.मा. विद्यालय सेक्टर ६ भिलाई नगर में ऐसी ही कार्यशालाओं का आयोजन हुआ। सुश्री सुमन साहू ने युवा कौन?, डॉ. योगेंद्र कुमार ने एवं डॉ. पी.एल. साव ने इन्हें संबोधित करते हुए लगभग ५०० विद्यार्थियों और स्टाफ के सदस्यों को उनके सच्चे जीवन लक्ष्य का बोध कराया।

सुश्री सुमन साहू ने विकास की पश्चिमी अवधारणाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि जीवन लक्ष्य का सही बोध नहीं होने के कारण ही वर्तमान युग की युवा पीढ़ी भटक रही है, वह अतृप्त आकांक्षा और बिखरे अरमानों के साथ हताशा और निराशा भरा जीवन जी रही है। उन्हें स्वामी विवेकानंद जैसे आदर्श पुरुषों से जीने की राह सीखनी चाहिए।

डॉ. योगेंद्र कुमार ने साधना के माध्यम से अपने अंदर के विकारों को दूर करने एवं अच्छाइयों को ग्रहण करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को समाज सेवा करते हुए इसका अभ्यास हर पल करना चाहिए। इस क्रम में उन्होंने वर्तमान समय की पर्यावरण, अराजकता, अनैतिकता, अस्वच्छता, अशिक्षा जैसी तमाम सामाजिक बुराइयों को दूर करने में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान विद्यार्थियों से किया।

दिया छतीसगढ़ के प्रभारी डॉ. पी.एल. साव ने परम पूज्य गुरुदेव पंडित श्री राम शर्मा आचार्य जी के सूत्र वाक्य 'अपना मूल्य समझो और विश्वास करो कि तुम संसार के सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति हो।' की मार्मिक व्याख्या की। युवाओं में महानता के पथ पर चलने का उत्साह जगाया, उन्हें नशा, आलस्य जैसी तमाम बुराइयों से उबरकर उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन इं. सौरभ कान्त ने किया।


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