Published on 2017-11-18
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साँचोर के दीपयज्ञ महायज्ञ के समय दीपावली जैसा वातावरण था। हर वर्ग, यहाँ तक कि मुस्लिम लोगों ने भी अपने- अपने घर द्वार पर दीप जलाये।

सांचोर, जालौर। राजस्थान
अभी कुछ ही दिनों पहले मारवाड़ क्षेत्र बाढ़ की भीषण त्रासदी झेल चुका है। रुष्ट प्रकृति की इस विनाश लीला ने लोगों में युगऋषि के नवसृजन अभियान के प्रति आस्था बढ़ाई। २ से ५ अक्टूबर की तारीखों में सांचोर में देव संस्कृति पुष्टिकरण लोक आराधन १०८ कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में अपार जनआस्था के दर्शन हुए, १०,००० से अधिक लोगों ने इसमें भाग लिया।

साँचोर यज्ञ के प्रयाज में जालौर, बाड़मेर, जैसलमेर और जोधपुर के ८०० से अधिक गाँवों की प्रव्रज्या की गयी। यज्ञ से पूर्व २५० कार्यकर्त्ताओं ने पूरे नगर में विशाल मशाल जुलूस निकालकर अपने सृजन संकल्प और उत्साह से अवगत कराया।

कलश यात्रा में कई झाँकियाँ शामिल की गयीं, इसमें ४००० से अधिक लोगों ने भाग लिया।


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