Published on 2017-11-20

देव संस्कृति पुष्टिकरण लोक आराधन गायत्री महायज्ञ

इस वर्ष राजस्थान के प्रांतीय संगठन ने प्रदेश में आयोजित अश्वमेधों की रजत जयंती मनायी। प्रत्येक उपजोन में १०८ से लेकर २५१ कुडीय देव संस्कृति पुष्टिकरण लोक आराधन गायत्री महायज्ञों का आयोजन हुआ। सागवाड़ा (उदयपुर उपजोन) में तो यह कार्यक्रम विगत जून माह में ही ऐतिहासिक सफलता के साथ सम्पन्न हुआ था, हाल ही में साँचोर, भरतपुर कोटा, रतनगढ़ और जयपुर में भी महायज्ञ एक- से बढ़कर एक सफलता के साथ सम्पन्न हुए। इन आयोजनों में जन आस्था का सैलाब उमड़ा, प्रयाज में लाखों- करोड़ों लोगों से जनसंपर्क हुआ, सृजन संकल्प जगाये जा सके। सभी क्षेत्रों में अनुयाज के कार्यक्रम भी आरंभ हो चुके हैं। प्रस्तुत है कार्यक्रमों की सफलता और उपलब्धियों का संक्षिप्त विवरण।

ऐतिहासिक आध्यात्मिक कुंभ की अनुपम झाँकी

रतनगढ़, चूरू। राजस्थान
गीताप्रेस गोरखपुर से प्रकाशित पत्रिका 'कल्याण' के लोकप्रिय सम्पादक श्री हनुप्रसाद पोद्दार की जन्मभूमि रतनगढ़ में १ से ४ नवम्बर की तारीखों में आयोजित २५१ कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में युग चेतना का वह विराट स्वरूप दिखाई दिया, जो वहाँ के निवासियों ने शायद ही पहले कभी देखा हो। यह एक विराट कुंभ था, ऐसा लगा जैसे पूरा नगर ही यज्ञ स्थल बन गया हो।

११००० कलशों सहित निकली कलश यात्रा में १५ हजार भाई- बहनों ने भाग लिया। इसके स्वागत में पूरे नगर में गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा होती रही। दिव्य रथारूढ़ गायत्री माता, व्यसनमुक्ति, बेटी बचाओ, पर्यावरण आदि आन्दोलनों की प्रेरणा देने वाली झाँकियाँ, घोड़ों और ऊँटों पर सवार राजस्थानी शूरवीरों की झाँकी हर हृदय में देव संस्कृति के दिव्य आलोक का संचार कर रही थीं।

यज्ञस्थल पहुँचने पर उपजोन के समस्त जिलों से आयीं देवी स्वरूपा माताओं के पुरुषार्थ की दिव्य आरती उतारने के लिए शांतिकुंज से पहुँची श्री नरेन्द्र सिंह ठाकुर की टोली के अलावा उपखंड अधिकारी श्री पारीक संजू, पुलिस उपाधीक्षक श्री चारण, नगर पालिका अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, गौशाला अध्यक्ष श्री वासुदेव सांगानेरिया आदि अनेक गणमान्य उपस्थित थे।

यज्ञ की महान सफलता प्रमुख संयोजक श्री गोपाल स्वामी के अलावा उन हजारों नैष्ठिक कार्यकर्त्ताओं के अथक पुरुषार्थ का प्रतिफल थी जिन्होंने न केवल यज्ञ की विभिन्न व्यवस्थाएँ बड़ी कुशलता के साथ सँभालीं, अपितु चूरू, झुंझुनू, सीकर, नागौर, बीकानेर, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर जिलों में लाखों लोगों तक यज्ञ का संदेश पहुँचाया, उन्हें साधना से, साधनों से, भावना से भागीदार बनाया।

कुछ महत्त्वपूर्ण बिन्दु
  • हजारों गाँवों में प्रव्रज्या की, दीवार लेखन किया।
  • सभी ३५ कस्बों में विशाल दीपयज्ञ एवं गोष्ठियाँ की गयीं। इनमें खेजड़ी के ११००० एवं अन्य ११०० वृक्ष लगाने के संकल्प लिये गये।
  • २,४०,००,००० गायत्री महामंत्र लिखवाये गये। यज्ञ के अनुयाज में भी इतने ही गायत्री महामंत्र लिखवाने के लिए पुस्तिकाएँ वितरित कर दी गयी हैं।
  • देवस्थान के मंत्री श्री राजकुमार रिणवां ने ध्वजारोहण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। वे चारों दिन रहे, यज्ञ के हर कार्यक्रम में एक नैष्ठिक साधक के रूप में भाग लिया।
  • चूरू सांसद श्री राहुल कस्वां ने श्री पंकज गोयल एवं शिवकुमार शर्मा के विशेष सहयोग से लगायी गयी प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
  • जोन मुख्यालय पुष्कर के सहयोग से ब्रह्मभोज साहित्य की व्यवस्था की गयी थी।
  • दिल्ली के श्री राजकुमार दुगोलिया ने प्रतिदिन ताजे फूलों से देवमंच एवं यज्ञशाला की सज्जा की।
  • अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष एवं सरदारशहर विधायक श्री ने देवपूजन किया।
  • पूरे नगर में लाउड स्पीकर लगाये गये।
  • २४००० गायत्री मंत्र जप या २४०० गायत्री मंत्र लेखन करने वालों को ही देवपूजन का यजमान बनाया गया।
  • यज्ञ में केवल पीपल की समिधाएँ एवं गाय के घी का ही प्रयोग हुआ।
  • प्रतिदिन १०० गाँवों से बसों में लोगों का आना- जाना होता रहा। सभी के आवागमन, भोजन, जलपान, आवास की नि:शुल्क व्यवस्था थी।
  • जिला शिक्षाधिकारी ने सभी प्रधानाध्यापक, प्रधानाचार्यों को यज्ञ में भागीदारी के विशेष निर्देश दिये। विद्यालय, महाविद्यालयों में गोष्ठियाँ कर आमंत्रण दिये गये।
  • सारा साहित्य ब्रह्मभोज में उपलब्ध कराया गया, जिसमें श्री रामशरण ब्रह्मचारी और श्री गोविंद शेखावत का विशेष योगदान था।


Write Your Comments Here:


img

anganwadi स्कूल मैं जाके गायत्री मंत्र और गायत्री माँ के चम्त्कार् के बारे मैं बताया

मैं यशवीन् मैंने आज राजस्थान के barmer के बालोतरा मैं anganwadi स्कूल मैं जाके गायत्री माँ के बारे मैं बच्चों को जागरूक किया और वेद माता के कुछ बातें बताई और महा मंत्र गायत्री का जाप कराया जिसे आने वाले.....

img

युग निर्माण हेतु भावी पीढ़ी में सुसंस्कारों की आवश्यकता जिसकी आधारशिला है भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा -शांतिकुंज प्रतिनिधि आ.रामयश तिवारी जी

वाराणसी व मऊ उपजोन की *संगोष्ठी गायत्री शक्तिपीठ,लंका,वाराणसी के पावन प्रांगण में संपन्न* हुई।जहां ज्ञान गंगा की गंगोत्री,*महाकाल का घोंसला,मानव गढ़ने की टकसाल एवं हम सभी के प्राण का केंद्र अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज,हरिद्वार* से पधारे युगऋषि के अग्रज.....

img

Yoga Day celebration

Yoga day celebration in Dharampur taluka district ValsadGaytri pariwar Dharampur.....