Published on 2017-11-12
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विस्तृत हो रहा युवा प्रकोष्ठ के इको- फ्रेंडली भोजनालय का प्रयोग

१२ नवंबर, लखीमपुर- खीरी (यूपी)
गायत्री परिवार युवा प्रकोष्ठ द्वारा गायत्री महायज्ञ आयोजनों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का अद्भुत संदेश दिया जा रहा है। वह भी केवल उपदेश से नहीं बल्कि स्वयं अनुकरण करके।

पारिवारिक सामाजिक और धार्मिक आयोजनों में डिस्पोजल गिलास और थर्माकोल की थाली- प्लेटों के प्रयोग से हमारा पर्यावरण धरती और आकाश दोनों स्तरों पर चिंताजनक रूप से प्रदूषित होता जा रहा है ।। इस पर्यावरण और स्वास्थ्य- घाती प्रचलन के विरुद्ध गायत्री परिवार युवा प्रकोष्ठ, लखीमपुर- खीरी द्वारा "इको- फ्रेंडली भोजनालय"के प्रचलन शुरू किए गए हैं। इसके तहत भोजनालयों में डिस्पोजल गिलास और थर्माकोल प्लेटों के स्थान पर पारंपरिक इको फ्रेंडली पत्तलों जैसे केले के पत्ते तथा स्टील आदि की थाली- गिलासों का प्रयोग किया जाता है । इसी क्रम में जिले के पलिया के बोझवा गाँव में १२ नवंबर से शुरू हुए चार दिवसीय श्रद्धा संवर्धन नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ एवं प्रज्ञा पुराण कार्यक्रम में भी भंडारे के लिए व्यवस्था केले के पत्तों तथा स्टील थाली- गिलासों की व्ययवस्था की गई है। इस इको -फ्रेंडली भोजनालय में सहयोग करते हुए पलिया गुरुद्वारे से कार्यक्रम के लिए स्टील के थाली गिलासों की व्यवस्था की गई है । इस प्रयोग से चार दिवसीय आयोजन में लगभग एक ट्राली डिस्पोजल कूड़ा उत्पन्न करने से बचा जा सकेगा।

पर्यावरण संरक्षण के अभियान में ९ कुण्डीय यज्ञ आयोजन में न्यूनतम ९ पौधों का तरुपूजन संस्कार कर पौधरोपण भी किए जाएँगे।

इस आयोजन में इको फ्रेंडली भोजनालय अभियान को सक्रिय रूप देने में युवा प्रकोष्ठ पलिया के साकेत सिंह सूर्यवंशी निकेत सिंह ब्लॉक समन्वयक विनय सिंह, सी पी मौर्य महिला मंडल की मीरा देवी पलिया गुरुद्वारा के हरदीप फेरा सभी गायत्री परिजन सक्रिय रूप से लगे हुए हैं।


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