देसंविवि के प्रयासों से भारत और लात्वियाई संस्कृति के बीच प्रगाढ़ हो रहे हैं संबंध

Published on 2017-11-22

सांसद, शिक्षाविदों को देव संस्कृति विश्वविद्यालय में स्थापित एशिया के प्रथम बाल्टिक सेण्टर की कार्य प्रगति से अवगत कराया

डॉ. चिन्मय पण्ड्या जी ६ एवं ७ नवम्बर को लात्विया के प्रवास पर थे। उनका यह प्रवास बाल्टिक देशों के साथ देव संस्कृति विश्वविद्यालय के संबंधों को प्रगाढ़ करने की दृष्टि से बहुत महत्त्वपूर्ण रहा।

सबसे पहले मि. एटिस लेजिन्स, प्रमुख यूनिटी पार्लियामेण्ट ग्रुप, यूरोपीय मामलों की समिति, विदेश मामलों की समिति एवं बाल्टिक सभा तथा श्रीमती इन्गुना सुदर्बा, लात्वियन संसद में पार्लियामेण्टरी ग्रुप आॅफ लात्विया की अध्यक्ष के साथ बैठकें हुर्इं। यह बैठक देसंविवि स्थित बाल्टिक सेण्टर का प्रगति विवरण प्रस्तुत करने के संबंध में आयोजित की गयी थी। डॉ. चिन्मय जी ने भारत तथा बाल्टिक देशों के ज्ञान- विज्ञान एवं परम्पराओं में समानताओं को वहाँ के पाठ्यक्रम में शामिल करने का अनुरोध भी किया।

डॉ. चिन्मय जी ने उन्हें भारतीय संस्कृति के प्रवर्तक ऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी का एक चित्र भी भेंट किया, जिसे लात्वियाई संसद के प्रवेश द्वार पर लगाया जा रहा है

लात्विया विश्वविद्यालय में वार्ता
लात्विया विश्वविद्यालय के मुख्य सभागार में डॉ. चिन्मय पण्ड्या जी, प्रतिकुलपति देसंविवि. की वार्ता रखी गयी। योग, भाषा और चेतना विज्ञान वार्ता की विषयवस्तु रही। इसके माध्यम से देव संस्कृति विश्वविद्यालय की विशेषता और प्रगति विवरण एक बड़े समूह के समक्ष प्रस्तुत करने का अवसर मिला। सभी श्रोताओं ने देसंविवि की निराली सोच और विकास की अनूठी पहल को बहुत पसंद किया।

पूर्व प्रधानमंत्री से वार्ता
श्रीमती स्त्राउजुमा, लात्विया की पूर्व प्रधानमंत्री से विस्तृत वार्ता हुई। इन दिनों वे यूरोपीय शिक्षा मंच की प्रमुख हैं। आगामी वर्ष लात्वियाई प्रतिनिधि मण्डल के साथ देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रवास पर आने के लिए वे बहुत इच्छुक हैं।


Write Your Comments Here:


img

पर्यावरण संरक्षण के लिए हुई प्रशंसनीय पहल

एक डॉक्यूमेण्ट्री ने बदल दी लोगों की आदतयूनाइटेड किंगडमवर्षों बाद लंदन की कई कॉलोनियों में पहले की तरह सुबह- सुबह दूध की डिलीवरी करने वाले दिखने लगे हैं। अब लोग प्लास्टिक की बोतलों में नहीं, काँच की बोतलों में दूध.....

img

डलास, अमेरिका में हुआ १०८ कुण्डीय गायत्री महायज्ञ

वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए संघबद्ध आध्यात्मिक पुरुषार्थ का आह्वान १५ अप्रैल को हिन्दू मंदिर सोसाइटी, डलास में १०८ कुण्डीय महायज्ञ सम्पन्न हुआ। गायत्री परिवार के सदस्यों सहित डलास और आसपास के नगरों से आये सैकड़ों श्रद्धालुओं ने.....

img

पूर्वी अफ्रीका में शांतिकुंज की टोली का प्रवास

यूगांडा, तंजानिया और केन्या में १०८ कुण्डीय यज्ञ हुएशांतिकुंज प्रतिनिधि श्री शांतिलाल पटेल, श्री ओंकार पाटीदार एवं श्री बसंत यादव की टोली ८ मार्च से १६ अप्रैल तक यूगांडा, तंजानिया और केन्या के प्रवास पर थी। इस प्रवास में तीनों.....