Published on 2017-11-24

दण्डकारण्य कार्ययोजना के प्रति लोगों में सहमति बनाने और समाज के हर वर्ग का समर्थन जुटाने के प्रयास आरंभ हो गये हैं। इस क्रम में २३- २४ अक्टूबर को दन्तेवाड़ा और २५- २६ अक्टूबर को फरसगाँव में पंच परमेश्वर पंच- सरपंच सम्मेलनआयोजित किये गये। चयनित सात जिलों में से दन्तेवाड़ा के सम्मेलन में जगदलपुर, दन्तेवाड़ा, सुकमा एवं बीजापुर जिलों के और कोण्डागाँव की तहसील फरसगाँव में आयोजित सम्मेलन में कोण्डागाँव, नारायणपुर व काँकेर के जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। दोनों स्थानों पर इस कार्ययोजना को लगभग शत- प्रतिशत समर्थन मिला। सभी ने इसे अपने क्षेत्र के कायापलट की एक दिव्य योजना मानते हुए अपने- अपने भरपूर समर्थन का आश्वासन दिया।

दन्तेवाड़ा में लगभग २५० लोग शामिल हुए। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कमला विजय नाग, स्वामी विशुद्धानंद सरस्वती, पूर्व विधायक भीमा मण्डावी, जिला पंचायत सदस्य श्री नंदलाल मण्डावी, भूतपूर्व सांसद श्री प्रदीप गाँधी, श्री भदौरिया, श्री शंकर कुडियाम की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

फरसगाँव में भाग लेने वालों की संख्या लगभग ३०० थी, जिनमें केसकाल विधायक श्री संतराम नेताम, पूर्व विधायक श्री सेवकराम नेताम, विधायक श्री मोहन मरकाम, राज्य स्तरीय योग आयोग के सदस्य राजा अशोक सिंह ठाकुर, रवि घोष, सरपंच संघ के अध्यक्ष श्री सुकुलु कोयरा, खाद्य एवं आपूर्ति निगम छत्तीसगढ़ की अध्यक्ष सुश्री लता उसेण्डी की भागीदारी विशेष उत्साहवर्धक रही।

शांतिकुंज से श्री के.पी. दुबे- आन्दोलन प्रकोष्ठ प्रभारी, डॉ. डी.पी. सिंह- ग्राम प्रबंधन प्रकोष्ठ के अध्यक्ष वरिष्ठ वैज्ञानिक,श्री नेमूराम साहू, अमर नाग एवं विशेष गावड़े की टोली पहुँची थी। विकास में पंच परमेश्वरों का योगदान, मेरा गाँव- मेरा देश, केन्द्र एवं राज्य की जनकल्याणकारी योजनाएँ, स्वावलम्बन से स्वाभिमान का जागरण ; इन चार विषयों पर दोनों जगह उद्बोधन हुए। क्षेत्रीय समस्याओं से जुड़े विषय और विशेषज्ञ वक्ताओं की प्रस्तुतियों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

सम्मेलन में पधारे विशिष्ट महानुभावों ने भी अपने विचार और अनुभव साझा किये, जो योजना के क्रियान्वयन में अत्यंत मूल्यवान सिद्ध होंगे। शांतिकुंज के प्रयासों को विशेष रूप से सराहा गया। लोगों ने कहा कि हमारे क्षेत्र की समस्या के समाधान के लिए इस दृष्टिकोण से तो कभी हमने सोचा ही नहीं था। जैविक कृषि पर राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त श्री रतीराम ने अपने विचार रखे और इस कार्य के लिए अपना पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन दिया।

विशेष भेंट : शांतिकुंज प्रतिनिधि दन्तेवाड़ा के सी.ओ. श्री गौरव सिंह से मिलने गये, उन्हें अपनी योजना विस्तार से बतायी। उन्होंने कहा कि जो काम सरकार को करना चाहिए, वह कार्य आपने हाथ में लिया है। नि:संदेह इसे सभी का समर्थन मिलेगा। वे अपने अधीनस्थ १६० विद्यालयों में परम पूज्य गुरुदेव का विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साहित्य स्थापित कराने जा रहे हैं।


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