Published on 2017-12-11

११ कुण्डीय गायत्री महायज्ञ की संभावनाएँ बनीं, शाखा भी स्थापित होगी

लिथुआनिया आयुर्वेद अकादमी द्वारा प्रज्ञायोग, यज्ञ जैसे विषयों पर लिथुआनिया आयुर्वेद अकादमी द्वारा एक बृहद् वार्ता रखी गयी थी। लगभग १५० लोगों ने इसमें भाग लिया। डॉ. चिन्मय जी ने प्रकृति एवं पर्यावरण के मूल में निहित यज्ञ परम्परा का दर्शन समझाते हुए वर्तमान समय में यज्ञ विज्ञान के विस्तार की आवश्यकता और यज्ञ के व्यक्तिगत व सामाजिक प्रभावों की चर्चा की। गोष्ठी का प्रभाव ही था कि वहाँ भारतीय परम्पराओं पर गहरी आस्था रखने वाले मुट्ठीभर लोगों की संख्या बढ़कर अब २०० हो गयी है। शीघ्र ही वहाँ ११ कुण्डीय सामूहिक यज्ञ आयोजित होने की संभावना बनी है।


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11 जनवरी, देहरादून। उत्तराखंड ।

दिनांक 11 जनवरी 2020 की तारीख में देव संस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज हरिद्वार के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉक्टर चिन्मय पंड्या जी देहरादून स्थित ओएनजीसी ऑडिटोरियम में उत्तराखंड यंग लीडर्स कॉन्क्लेव 2020 कार्यक्रम में देहरादून पहुंचे जहां पर उन्होंने उत्तराखंड राज्य के विभिन्न.....

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ज्ञानदीक्षा समारोह में लिथुआनिया सहित देश के 12 राज्यों के नवप्रवेशी विद्यार्थी हुए दीक्षित

देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ प्रणव पण्ड्या ने कहा कि जो आचरण से शिक्षा दें वही आचार्य है और ऐसे आचार्यगण ही विद्यार्थियों को चरित्रवान बना सकते हैं। डॉ. पण्ड्या ने कहा कि जिस तरह चाणक्य ने अपने ज्ञान व.....

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