Published on 2017-12-03
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कोई भी सरकार नशे का लाइसेंस नहीं देती है। इसे लोग अपनी स्वेच्छा से जीवन में अपनाते हैं। नशा मुक्ति पर जोर दिया जा रहा है लेकिन कोई भी कानून समाज को नशे से मुक्त नहीं कर सकता है। नशे से मुक्त समाज लोगों के संकल्पों से ही होगा। इस दिशा में गायत्री परिवार सकारात्मक भूमिका निभाते हुए युवाओं को सही दिशा दे रहा है।ये बातें रविवार को बहतराई स्थित राज्य खेल प्रशिक्षण केंद्र में गायत्री परिवार की ओर से आयोजित देवव्यापी सृजनशील युवा सम्मेलन के समापन अवसर पर नगरीय प्रशासन मंत्री अमर अग्रवाल ने कही। उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार व्यक्ति और परिवारों में संस्कारों का निर्माण करता है। आजकल अर्थ की प्रगति को ही विकास का पैमाना मान लिया गया है। इसके बाद भी आर्थिक प्रगति वाले देश भी संतुष्ट नहीं हैं। संस्कृति के बिना प्रगति जीवन में संतुष्टि नहीं ला सकती। समाज और व्यक्ति की संतुष्टि के लिए आत्मज्ञान और संस्कारों की शिक्षा ही दे सकती है। इस पुनित कार्य में गायत्री परिवार जैसी संस्था समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर कर रही है। उन्होंने कहा कि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य ने गायत्री परिवार जैसे वटवृक्ष को खड़ा किया है। उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर किया और सभी को संस्कृति के नजदीक लाया है। इस अवसर पर सुबह योग साधना का अभ्यास गुरुदेव पं.श्रीराम आचार्य की आवाज में करवाया गया। इससे सभी में गुरुदेव की आवाज से उत्साह बना रहा। साथ ही विदाई संदेश के माध्यम से 2016-17 के संकल्पों की पूर्णाहुति व युवा विजन-2026 के साथ ही निर्मल गंगा जन अभियान, वृक्ष गंगा अभियान, आदर्श ग्राम, बाल संस्कार शाला, युवा जोड़ो अभियान, आपदा प्रबंधन व व्यसन मुक्त देश बनाने बात कही गई। इस अवसर पर शहर के महापौर किशोर राय, हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार गौतम चैरड़िया, रामदेव कुमावत, राजेश मिश्रा समेत बड़ी संख्या में गायत्री परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।


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11 जनवरी, देहरादून। उत्तराखंड ।

दिनांक 11 जनवरी 2020 की तारीख में देव संस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज हरिद्वार के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉक्टर चिन्मय पंड्या जी देहरादून स्थित ओएनजीसी ऑडिटोरियम में उत्तराखंड यंग लीडर्स कॉन्क्लेव 2020 कार्यक्रम में देहरादून पहुंचे जहां पर उन्होंने उत्तराखंड राज्य के विभिन्न.....

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