Published on 2017-12-23

स्व. श्री रमेशचंद्र खंडेलवाल की पावन स्मृति में पुत्रवधु एवं धर्मपत्नी ने
नि:शुल्क बाँटी 2,50,000 मंत्र लेखन पुस्तिकाएँ

मनावर, धार। मध्य प्रदेश
जिन आदर्शों के लिए जीवन समर्पित किया, अपने परिवारी जनों को उन आदर्शों को अपनाते हुए देखकर हृदय गदगद हो जाता है। नि:संदेह स्व. श्री रमेशचंद्र खण्डेलवाल की आत्मा अपनी पुत्रवधु श्रीमती विनीता खण्डेलवाल, धर्मपत्नी श्रीमती पुष्पा देवी खण्डेलवाल एवं अन्य परिवारी जनों की लोकमंगलकारी भावनाओं और कार्यों को देख तृप्ति, तुष्टि, अथाह शांति की अनुभूति कर रही होगी, जिसके कारण लाखों लोगों को आत्मिक प्रगति का अवसर प्राप्त हो रहा है।
स्व. श्री रमेशचंद्र खण्डेलवाल गायत्री शक्तिपीठ मनावर से जुड़े नैष्ठिक कार्यकर्त्ता थे। उनकी पुत्रवधु ने अपने श्वसुर की पुण्य स्मृति में मंत्र लेखन का विराट अभियान चला रखा है। उन्होंने ढाई लाख गायत्री मंत्र लेखन पुस्तिकाएँ नि:शुल्क वितरित करने का संकल्प लिया था। विगत गायत्री जयंती से चल रहे अभियान के अंतर्गत ये पुस्तिकाएँ मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान के विविध स्थानों में वितरित की जा रही हैं। अंजड़ निवासी प्रमुख क्षेत्रीय कार्यकर्त्ता श्री महेन्द्र भावसार के अनुसार अब तक दो लाख से अधिक मंत्रलेखन पुस्तिकाएँ बाँटी जा चुकी हैं। जिस गति से और जिस लोकप्रियता के साथ यह मंत्र लेखन साधना अभियान चल रहा है, उसे देखते हुए वे अपने संकल्प को आगे बढ़ाने पर विचार कर रही हैं।

जेलों में लोकप्रिय है अभियान

स्व. श्री रमेशचंद्र जी के परिवार ने इस अभियान के माध्यम से पिछड़ों, पीड़ितों में आत्मबल एवं मनोबल के संचार को अपना प्रमुख लक्ष्य बनाया है। तदनुसार प्रत्येक जेल का प्रत्येक बंदी गायत्री मंत्र लेखन साधना करे, ऐसे प्रयास किये जा रहे हैं। मध्य प्रदेश की 35 जेलों में मंत्र लेखन अभियान प्रारम्भ हो गया है। खण्डेलवाल परिवार ने जाकर 17 जेलों में पुस्तिकाएँ वितरित की हैं। इस अवसर पर बंदियों को जीवन के उत्कर्ष के लिए महत्त्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया जाता है और बुराइयाँ त्यागने के संकल्प भी कराये जाते हैं।

गर्भवती बहिनें भी

बंदियों के सुधार के अलावा श्रेष्ठ संतति की चाह रखने वाली गर्भवती बहिनों से साधना कराने का भी प्रमुख लक्ष्य है। इसके लिए आंगनबाड़ी प्रभारियों से संपर्क किया जा रहा है और गर्भवती बहिनों तक पुस्तकें पहुँचायी जा रही हैं। इस कार्य में शक्तिपीठ से जुड़े महिला मण्डलों का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है।

केन्द्रीय कारागार भोपाल में 21,000 पुस्तिकाएँ बाँटीं

कुछ ही दिन पूर्व भोपाल स्थित केन्द्रीय कारागार में मंत्रलेखन पुस्तिकाओं के वितरण के लिए विशेष समारोह आयोजित किया गया। श्री आनंद विजयवर्गीय, श्री मेहन्द्र भावसार एवं श्रीमती विनीता खण्डेलवाल ने बंदियों को संबोधित प्रेरणाप्रद उद्बोधन दिये। जेल अधीक्षक श्री दिनेश नरगावे एवं जेलर श्री लवसिंह जी की उपस्थिति में बंदियों के बीच 21,000 मंत्र लेखन पुस्तिकाएँ वितरित की गयीं। युगऋषि का प्रेरणाप्रद साहित्य भी प्रदान किया गया।


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