गर्भ संस्कार महोत्सव

Published on 2017-12-23
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गर्भ संस्कार महोत्सव  >2 दिनों में हुर्इं 12 कार्यशालाएँ

आँगनबाड़ी केन्द्रों पर आरंभ होंगे गर्भ संस्कार के कार्यक्रम

अलवर। राजस्थान
गायत्री परिवार ट्रस्ट करौली कुण्ड, अलवर द्वारा जिले में गर्भ संस्कार आयोजनों को लोकप्रिय बनाने के लिए 3 एवं 4 दिसम्बर को कार्यशालाओं की विशिष्ट शृंखला आयोजित की। इस अभियान को गति दे रही शांतिकुंज प्रतिनिधि डॉ. गायत्री शर्मा एवं डॉ. ओ.पी. शर्मा, सुश्री ऋतु सिंह अलवर पहुँचे। डॉ. अमिता सक्सेना, स्त्री रोग विशेषज्ञ, ट्रस्टी गायत्री शक्तिपीठ जबलपुर एवं कई अन्य विशेषज्ञों ने भी सभी कार्यशालाओं में उनका सहयोग किया। उन्होंने अलग- अलग वर्गों को पावर पॉइण्ट के माध्यम से गर्भ संस्कार की वैज्ञानिकता, वर्तमान समय में इसकी प्रासंगिकता और श्रेष्ठ संतति की चाह रखने वालों की मनोकामना पूरी हो, इसके लिए गायत्री परिवार द्वारा चलाये जा रहे बृहद् अभियान की विस्तार से जानकारी दी।

3 दिसम्बर को 6 स्थानों पर गर्भ संस्कार कार्यशालाएँ आयोजित हुर्इं। गायत्री शक्तिपीठ अलवर पर आयोजित कार्यशाला का पचास से अधिक कार्यकर्ताओं ने लाभ लिया। सायंकाल राजीव गांधी राजकीय चिकित्सालय अलवर के आई.एम.ए. हॉल में हुई। इसमें वे दस स्त्री रोग विशेषज्ञ महिला डॉक्टर भी उपस्थित थीं, जो स्थानीय कार्यकर्त्ताओं की प्रेरणा से अपने अपने चिकित्सालयों में गर्भवती महिलाओं को गर्भ संस्कार के बारे में बताती हैं और उन्हें ‘आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी’ पुस्तक भी देती हैं। डा.गायत्री शर्मा ने गायत्री मंत्र का दुपट्टा पहनाकर तथा तिलक लगाकर उन्हें सम्मानित किया।
4 दिसम्बर को (1) ओसवाल जैन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अलवर में कक्षा10,11 व 12 के 200 छात्र- छात्राओं के बीच, (2) ठाकुर दुर्गपाल शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय व ठाकुर दुर्गपाल नर्सिंग कॉलेज में स्टाफ सहित प्रशिक्षणार्थियों के बीच (3) जी.डी. महिला महाविद्यालय, अलवर में (4) जैन बी.एड. कॉलेज अलवर में (5) जैन कॉमर्स कालेज के स्टाफ व छात्र- छात्राओं के बीच गर्भ संस्कार विषय पर शांतिकुंज प्रतिनिधियों के उद्बोधन हुए।

गायत्री शक्तिपीठ करोली कुण्ड अलवर पर 50 से अधिक आँगनबाड़ी कार्यकर्त्ताओं की गोष्ठी हुई। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रेखा, जो गायत्री शक्तिपीठ गुरुग्राम की ट्रस्टी भी हैं, ने उन्हें गर्भ में पल रहे शिशु पर माँ के आहार, विचार, व्यवहार के प्रभाव और गर्भ संस्कार के विषय में जानकारी दी। उन्होंने अपने संपर्क में आने वाली सभी गर्भवती बहिनों को गर्भ संस्कार के लिए सहमत कर समाज की बड़ी सेवा करने का आह्वान किया।
दो दिनों में इतने सघन और प्रभावशाली कार्यक्रमों के संयोजन में समर्पित कार्यकर्त्ता डॉ. सरोज गुप्ता, श्रीमती विमला अरोड़ा, श्री विजय गुप्ता, श्री राजेंद्र सेठी, श्री ज्ञानेंद्र शर्मा और श्री रघुवीर सिंह नरूका का विशेष सहयोग रहा। श्री सतीश कुमार सारस्वत ने इन संगोष्ठियों को जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए जानकारी दी कि अलवर जिले में शीध्र ही महिला बाल विकास विभाग के सहयोग से आंगनबाड़ी केन्द्रों पर गर्भ संस्कार आरंभ किये जायेंगे।

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