योग व प्राकृतिक चिकित्सा से हो रहे है-रोगमुक्त

Published on 2017-12-25

स्थानीय गायत्री शक्तिपीठ कवर्धा में देव संस्कृति विश्ववि़द्यालय हरिद्वार द्वारा इंटर्नशीप अंतर्गत कबीरधाम जिला के लिए योग, वैकल्पिक चिकित्सा, प्राकृतिक चिकित्सा, सूर्य चिकित्सा, मर्म थेरेपी, मड थेरेपी, जीवन जीने की कला, जीवन प्रबंधन जैसे ऋषि मुनियों के ज्ञान को जन-जन तक पहुचाकर स्वास्थ्य, विद्या तथा मानवीय मूल्यों के विकास हेतु आगमन हुआ है। इसी कड़ी में गायत्री शक्तिपीठ कवर्धा में 27 दिसम्बर तक देवसंस्कृति विश्ववि़द्यालय के एम.एस.सी. के योग छात्र प्रतिनिधियों द्वारा चार दिवसीय निःशुल्क योग व वैकल्पिक शुभारंभ द्वीप प्रज्जवलित कर शक्तिपीठ के अध्यक्ष मानसिंह साहू तथा व्यवस्थापक द्वारा किया गया। प्रथम दिवस बड़ी संख्या में शक्तिपीठ पहुंचकर लोगो ने ऋषिमुनियों के ज्ञान- विज्ञान जो ऋषिमुनियों द्वारा प्राचीन काल से रोग निवारण हेतु प्रदान किया गया, जिसका ज्ञान प्राप्ति के साथ स्वास्थ्य लाभ लिये। देवसंस्कृति विश्ववि़द्यालय योग प्रतिनिधि भारत गुप्ता, सुदीप, सचिन ने बताया कि पहले हमारे ऋषिमुनि जो जीवन जीते थे और उपचार करते थे वे इसी चिकित्सा के अंतर्गत थी। आज के भौतिकतावादी समय में मानव ने अज्ञानता व आलस्यवश इसे भुला दिया दिया है जिससे हमारी संस्कृति पीछे जा रही है। हमें पुनः ऋषि परंपरा का निर्वहन करते हुए ऋषियों द्वारा बताये हुए मार्ग पर चलकर ऋषि जीवन जीना होगा। तभी आज के बदलते वातावरण में हम संतुलित व स्वस्थ सुखमय जीवन का लाभ ले सकते है।


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