हरिद्वार पुलिस ने सीखे व्यक्तित्व परिष्कार के गुर

Published on 2017-12-25

जिम्मेदारी वाला होता है पुलिस का कार्य : शैलदीदीजी
गायत्री मंत्र सद्बुद्धि का मंत्र : कृष्ण कुमार वीके

हरिद्वार २५ दिसम्बर।
गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में हरिद्वार के पुलिस जवानों की दो दिवसीय व्यक्तित्व परिष्कार शिविर का आज समापन हो गया। शिविर में जनपद के विभिन्न थानों के साठ से अधिक पुलिस कर्मी व अधिकारी शामिल रहे।

भेंट परामर्श के क्रम में संस्था की अधिष्ठात्री श्रद्धेया शैलदीदीजी ने कहा कि भागदौड़ भरी जिंदगी में पुलिस का कार्य जिम्मेदारी वाला होता है। आप सभी पर समाज का बड़ा दायित्व है। इन सबके बीच सामंजस्य बिठाने के लिए नियमित रूप से अपने इष्ट का ध्यान करना चाहिए। मन की एकाग्रता व शांति के लिए कुछ समय प्राणायाम का अभ्यास कारगर होगा। श्रद्धेया जीजी ने कहा कि शांतिकुंज आपका अपना गुरुद्वारा है, जब भी मन हों, यहाँ सकते हैं।

शिविर का निरीक्षण करने पहुँचे एसएसपी श्री कृष्ण कुमार वीके ने कहा कि व्यक्तित्व के विकास के लिए शांतिकुंज सबसे अच्छा स्थान है। यहाँ के कण-कण हमें बहुत कुछ सीखा देता है। शांतिकुंज का जैसा नाम है, तदनुरूप से यहाँ के नियम, कायदे बहुत ही प्रेरक है। एसएसपी ने कहा कि यहाँ जो कुछ सीखा है, उसे जीवन में उतारेंगे, तो आपके परिवार के साथ-साथ सभी का भला होगा। शांतिकुंज के प्रशिक्षकों ने जिस लगन व उत्साह से आपको सिखाया है, उसे व्यवहार में अवश्य लायें। उन्होंने कहा कि गायत्री मंत्र सद्बुद्धि का मंत्र है। इसके जप के कई तरह के लाभ हैं। एसएसपी ने कहा कि भविष्य में भी इसी तरह प्रशिक्षण चलाये जायेंगे, जिससे जवानों में एक सकारात्मक सोच पैदा हो सके। उन्होंने कहा कि यह शिविर पूरी तरह से स्वैच्छिक है और अपनी तरह से आप सभी पूर्णतः स्वतंत्र हैं।

इससे पूर्व शांतिकुंज रचनात्मक प्रकोष्ठ के समन्वयक श्री केदार प्रसाद दुबे ने कहा कि पुलिस विभाग में कार्यों की विविधता होती है। इन सबके बीच में सामंजस्य बिठाने के लिए धैर्य की नितांत आवश्यकता है। धैर्य- दायित्व के प्रति जिम्मेदारी, उत्साह एवं दूरदर्शिता जैसे सद्गुणों के साथ होना चाहिए।

शिविर समन्वयक पूर्व एएसपी व शांतिकुंज कार्यकर्त्ता श्री अजय त्रिपाठी ने बताया कि दो दिन तक चले इस शिविर में जीवन की गरिमा, स्वस्थ रहने के उपाय, नेतृत्व क्षमता का विकास, नशा उन्मूलन के सूत्र, भावनात्मक विकास जैसे विषयों पर शांतिकुंज के वरिष्ठ विषय विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन किया। इस अवसर पर श्री हरिमोहन गुप्ता, टीम लीडर एआरओ श्री मुकेश ठाकुर व ऐश्वर्य पॉल सहित कई पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।


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